शनिवार, 24 मार्च, 2007 को 03:53 GMT तक के समाचार
विश्व कप में भारत को श्रीलंका से मिली हार की ख़बर लगभग सभी भारतीय अख़बारों के मुखपृष्ठ पर है.
मैच का परिणाम भारतीय समयानुसार भोर के दो बजे के बाद आया था लेकिन लगता है कि अख़बारों ने बहुत इंतज़ार किया. शायद यही कारण था कि कुछ अख़बारों ने मुखपृष्ठ पर तस्वीर लगाकर छोटी सी ख़बर दे दी है.
हिंदी अख़बार दैनिक जागरण ने मैच की पूरी रिपोर्ट छापते हुए शीर्षक दिया है टिकट कटा विदाई बाकी. तस्वीर है सचिन तेंदुलकर की आउट होकर वापस जाते हुए.
अख़बार कहता है कि ' अब बेहतर होगा कि कागज़ी शेर कुछ दिनों तक स्वदेश न लौटें. '
राष्ट्रीय सहारा का शीर्षक है ' ध्वस्त ' श्रीलंका से हारकर भारत बाहर अब बरमूडा के पराक्रम पर टिकी उम्मीदें.
कुछ अख़बारों ने एक पारी की पूरी रिपोर्ट दी है और आशंकाएं जताई हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया ने भारत के तीन विकेट गिरने तक के स्कोर के साथ मुखपृष्ठ पर गांगुली और सचिन की तस्वीर लगाई है. शीर्षक है ' बैक टू द वॉल फॉर इंडिया ' यानि भारत की स्थिति फिर हुई ख़राब.
इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि ख़बर लिखे जाने तक भारत की उम्मीदें राहुल द्रविड़ नामक कच्चे धागे से बंधी हुई हैं जो संघर्ष कर रहे हैं.
शीर्षक है ' उतार चढ़ाव भरी उनींदी रात '.
स्टेट्समैन अख़बार ने अगरकर की तस्वीर के साथ शीर्षक दिया है ' इन एक्ज़िट मोड ' यानी बाहर के रास्ते पर.
पायनियर अख़बार ने भी सचिन की आउट होती तस्वीर के साथ बेहतरीन शीर्षक लिखा है. अख़बार कहता है ' इंडिया एमब्रेसेस डिस्ग्रेस' यानी भारत ने अपमान को गले लगाया.
अख़बार लिखता है कि भारत के प्रदर्शन को देखकर लगता है कि अब भारतीय दर्शकों को रग्बी जैसे खेलों में रुचि लेनी शुरु करनी चाहिए.