गुरुवार, 22 मार्च, 2007 को 21:00 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
अंग्रेजी के मशहूर नाटककार शेक्सपियर ने कहा है नाम में क्या रखा है? लेकिन राजस्थान के बूँदी ज़िले में कंजर बिरादरी के गाँव रामनगर के लोग कहते हैं कि नाम में बहुत कुछ रखा है.
इस गाँव में बड़े पद और व्यक्तियों के पीछे नामकरण का ज़बर्दस्त चलन है.
यहाँ आपको राष्ट्रपति, राज्यपाल और हाईकोर्ट के कई नामधारी मिल जाएंगे तो राजीव गांधी और सोनिया गांधी भी गाँव में घूमते मिल सकते हैं.
जिस्म फ़रोशी के लिए बदनाम रामनगर में सुधार के लिए पुलिस ने भी अभियान चला रखा है. लेकिन गाँव वालों ने जैसे नाम रखने का नया रुझान शुरू कर बदलाव की कसक का संकेत दिया है.
हमने इस गाँव की फेरी लगाई तो नामों को लेकर दिलचस्प जानकारियाँ मिली. पुलिस, कोर्ट-कचहरी, और मंत्री-संतरियों को देख गाँव वालों को इन पदों की ताकत का एहसास हुआ.
अब वहाँ किसी का नाम हाई कोर्ट है तो किसी का आईजी (इंस्पेक्टर जनरल).
गाँव में एक सरकारी शिक्षक सतीश शर्मा बताते हैं, "आपको यहाँ एसपी, राज्यपाल और राष्ट्रपति जैसे कई नाम मिल जाएंगे. किसी का नाम प्रधान है तो कोई प्रमुख है.फिर राजनीतिक दलों पर भी बच्चों का नामकरण किया गया है. गाँव में एक व्यक्ति का नाम कांग्रेस है तो एक जनता भी है."
नाम की महिमा
रामनगर में कंजर बिरादरी के सामाजिक कार्यकर्ता अग्रसेन का कहना था, " हमारे लोग टीवी पर बड़े लोगों का नाम सुनते हैं या किसी किताब में पढ़ लेते हैं तो उन्हें भी बड़े नामों की ललक पैदा हो गई. शायद वे भी बड़े लोगों से प्रभावित होने लगे हैं."
गाँव की तंग गलियों से गुजरते हमें राजीव गांधी मिल गए. प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद इन दिनों निठल्ले हैं.
वो कहने लगे, " माँ-बाप को राजीव गांधी का नाम अच्छा लगा, सो रख दिया."
तभी रामनगर की तीर्थबाई ने बताया कि उनके घर में एक सदस्य का नाम राज्यपाल है. गाँव में डिस्पेंसरी चलाने वाले इक़बाल का कहना था कि यहाँ एसपी, डिप्टी, थानेदार सब मिल जाएंगे.
चौपाल पर बैठे मिले रतनलाल फख़्र से बताने लगे कि उनके भाई का नाम हाईकोर्ट है. स्कूल और सरकारी रिकॉर्ड में भी यही नाम है.
रामनगर के सरकारी स्कूल के रजिस्टर में ऐसे कई नाम दर्ज हैं.
स्कूल के अध्यापक सत्यनारायण शर्मा ने रिकॉर्ड खंगाला और बोले कि इस स्कूल में राष्ट्रपति, राज्यपाल, राजीव गांधी जैसे नामधारी कई छात्र पढ़ कर निकल चुके हैं.
इसी स्कूल की छात्रा पिंकी बताती हैं,'' हाँ, सोनिया गांधी हमारी स्कूल में पढ़ती हैं.''
सतत तिरस्कार की पीड़ा और सामाजिक उपेक्षा से आहत रामनगर को लगा होगा कि बड़े नामों की यह फेहरिस्त उन्हें नई राह दिखा सकती है.
गाँव के लोग कहते हैं कि इसमें बच्चों को बड़ा इंसान बनाने की हसरत भी शामिल है. शायद इसी से हस्ती और हैसियत बन सके.