केंद्र सरकार ने गुजरात के दंगा पीड़ितों के लिए 106.57 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सन् 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों के लिए राहत पैकेज को मंज़ूरी दी.
यह सहायता राशि गुजरात सरकार के दंगा पीड़ितों को दी गई सहायता राशि के अतिरिक्त होगी.
इस पैकेज के अनुसार दंगों में मारे गए मृतक के परिवार को 3.5 लाख रुपए और घायलों को 1.25 लाख रुपए दिए जाएंगे.
सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी ने पत्रकारों को जानकारी दी कि गुजरात दंगा पीड़ितों को यह राहत 1984 के सिख दंगा पीड़ितों के लिए दी गई सहायता राशि के बराबर है.
दासमुंशी ने बताया कि आर्थिक सहायता के अलावा दंगा प्रभावितों को सरकारी नौकरियों में भी प्राथमिकता दी जाएगी.
गुजरात सरकार के अनुसार इन दंगों में 1169 लोग मारे गए थे. हालांकि कई स्वंयसेवी संगठनों का कहना है कि दंगों में लगभग दो हज़ार लोग मारे गए थे और मरनेवालों में ज़्यादातर मुसलमान थे.
दंगों में घायल हुए 2598 लोगों को 1.25 लाख रुपए दिए जाएंगे जिस पर 39.20 करोड़ रुपए खर्च होंगे.
इसके अलावा केंद्र सरकार संपत्ति को हुए नुक़सान के लिए 9.03 करोड़ रुपए और औद्योगिक संपत्ति के लिए 5.15 करोड़ रुपए की सहायता राशि देगी.