मंगलवार, 20 मार्च, 2007 को 17:57 GMT तक के समाचार
कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी के बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसमें उन्होंने कहा था कि कि अगर गांधी परिवार राजनीति में सक्रिय होता तो बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना नहीं हुई होती.
दूसरी ओर मंगलवार को राहुल ने साफ़ किया है कि वो अपने बयान पर कायम हैं.
साथ ही उन्होंने सफ़ाई दी कि बहुजन समाज पार्टी के साथ 1996 में कांग्रेस के गठजोड़ की उनकी आलोचना का आशय यह नहीं है कि वह किसी भी तरह के गठजोड़ के ख़िलाफ़ हैं
विपक्षी भाजपा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह हिंदू भावनाओं का अनादर है.
भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि राहुल गांधी के बयान से स्पष्ट है कि गांधी परिवार अयोध्या में राम मंदिर किसी भी कीमत पर नहीं बनने देना चाहता है.
समाजवादी पार्टी का कहना है कि राजीव गांधी की सत्ता के दौरान ही ढांचा ढहाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी और नरसिंह राव के कार्यकाल में यह ढहा दिया गया.
समाजवादी पार्टी के नेता शाहिद सिद्दीकी और मोहन सिंह का कहना था कि राजीव गांधी के कार्यकाल में मंदिर के ताले खोले गए और वहाँ शिलान्यास हुआ.
सहयोगी भी अप्रसन्न
कांग्रेस के सहयोगी दल सीपीएम ने भी राहुल गांधी के बयान पर अप्रसन्नता व्यक्त की है और कहा है कि इस पुराने सवाल को अब उठाने का कोई औचित्य नहीं है.
सीपीएम नेता सीताराम येचुरी का कहना था,'' हमारा मानना है कि तत्कालीन सरकार ने अपनी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं की थी.''
ग़ौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे राहुल ने सोमवार को कहा था कि अगर गांधी परिवार राजनीति में सक्रिय होता तो बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना नहीं हुई होती.
राहुल गांधी ने कहा था कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना और 1996 में बहुजन समाज पार्टी से हाथ मिलाने के करण उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति कमज़ोर हुई.