फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, रायपुर
हत्या के एक मामले में गिरफ़्तार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को ज़मानत मिल गई है. फिलहाल वे अस्पताल में भर्ती हैं.
ग़ौरतलब है कि रायपुर की ही एक अदालत से वारंट जारी होने के बाद अजीत जोगी को पुलिस ने रविवार को राजनांदगाँव के वीरेंद्रनगर से गिरफ़्तार कर लिया था.
इसके बाद तबीयत ख़राब होने की वजह से उन्हें रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती किया गया.
अजीत जोगी के वकील एसके फ़रहान ने उनकी ज़मानत के लिए सोमवार को निचली अदालत में अर्ज़ी दाख़िल की थी लेकिन अदालत ने इसे ख़ारिज कर दिया था.
इसके बाद उन्होंने सत्र न्यायालय में अपील की जिसे स्वीकार करते हुए मामले को वीएल तिर्के की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया.
इसी अदालत में रामअवतार जग्गी हत्याकांड के सभी मामलों की सुनवाई हो रही है.
जस्टिस वीएल तिर्के की अदालत ने जोगी के ख़राब स्वास्थ्य को देखते हुए एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी.
हत्या का मामला
अजीत जोगी पर वर्ष 2003 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और कोषाध्यक्ष राम अवतार जग्गी की हत्या का आरोप लगाया गया है.
इस मामले में अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी मुख्य अभियुक्त हैं.
रामअवतार जग्गी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी के नेता थे और वर्ष 2003 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनकी हत्या कर दी गई थी.
राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने हत्या के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी के ख़िलाफ़ प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की थी.
राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था.
सीबीआई ने अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को मुख्य अभियुक्त माना था और उनको कोई दस महीने जेल में रहने के बाद हाल में ज़मानत पर रिहा किया गया था.