रविवार, 18 मार्च, 2007 को 15:02 GMT तक के समाचार
फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, रायपुर
हत्या के मामले में वारंट जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अजीत जोगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
उनके ख़िलाफ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और कोषाध्यक्ष राम अवतार जग्गी की हत्या के मामले में रायपुर की एक अदालत ने वारंट जारी किया था.
जोगी की तबीयत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए रायपुर ले जाया गया है.
जोगी को राजनांदगाँव के वीरेंद्रनगर से गिरफ्तार किया गया जहाँ वो लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे.
उनकी गिरफ़्तारी के बाद वीरेंद्र नगर और कवर्धा में तनाव फैल गया. वहाँ भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हो गए और अपने नेता की गिरफ़्तारी का विरोध करने लगे.
कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को राजनांदगाँव और आसपास के इलाक़ों में बंद का आह्वान किया है.
उल्लेखनीय है कि अजीत जोगी इस समय छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के अकेले लोकसभा सदस्य हैं.
हत्या का मामला
रामअवतार जग्गी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी के नेता थे और वर्ष 2003 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनकी हत्या कर दी गई थी.
राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने हत्या के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी के ख़िलाफ़ नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी.
राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था.
सीबीआई ने अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को मुख्य अभियुक्त माना है और उनको कोई दस महीने जेल में रहने के बाद अभी ज़मानत पर रिहा किया गया है.
लेकिन अब सतीश जग्गी ने रायपुर की एक अदालत में याचिका दायर कर अमित जोगी के अलावा इस मामले के दूसरे अभियुक्त अजीत जोगी के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की माँग की थी.
उनका कहना था कि जब उनकी नामजद रिपोर्ट में अजीत जोगी का भी नाम था तो उनसे भी पूछताछ करनी चाहिए.
इसी याचिका की सुनवाई करते हुए अदालत ने अजीत जोगी के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया था.