शनिवार, 17 मार्च, 2007 को 13:28 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश के निलंबन का विरोध कर रहे वक़ीलों और पुलिस के बीच फिर झड़पें हुई हैं. प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए.
लाहौर बार एसोसिएशन और वक़ीलों के अन्य संगठनों ने शनिवार को मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी के निलंबन के ख़िलाफ़ एक सम्मेलन का आयोजन किया था.
बीबीसी उर्दू संवाददाता अदनान आदिल ने बताया कि इसी दौरान कुछ वक़ीलों ने लाहौर हाई कोर्ट के बाहर जुलूस निकालने की कोशिश की, तभी पुलिस ने उन पर धावा बोल दिया.
पुलिस ने वक़ीलों पर लाठीचार्च किया और आँसू गैस के गोले छोड़े. सुबह से ही हाई कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी.
लगभग दो घंटे तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें होती रही. इस दौरान पुलिसकर्मी हाईकोर्ट परिसर में भी घुस गए और कुछ वक़ीलों के दफ़्तर को क्षतिग्रस्त कर दिया.
शहर ने टर्नर रोड पर वक़ीलों के प्रदर्शन का समाचार संकलन करने गए पत्रकारों पर भी पुलिस ने लाठी चार्ज किया.
इस घटना के बाद पंजाब प्रांत के आईजी अहमद नसीम ने इलाक़े का दौरा किया है.
पुलिस पर कार्रवाई
इस बीच पाकिस्तान सरकार ने जियो टीवी के दफ्तर पर शुक्रवार को हुए पुलिस हमले पर कार्रवाई करते हुए 14 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.
इन पुलिस अधिकारियों पर जियो टीवी के कार्यालय पर हमला करने और उसे नुकसान पहुँचाने का आरोप है.
इस्लामाबाद में पुलिस प्रमुख ने बताया कि इस घटना की न्यायिक जाँच के आदेश दे दिए गए हैं.
इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने जियो टीवी के कार्यालय पर पुलिस हमले की कड़ी निंदा की थी और इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना क़रार दिया था.
राष्ट्रपति ने चैनल को हुए नुकसान की भरपाई के आदेश देते हुए कहा था कि इस घटना की जांच की जाएगी.
मीडिया पर हमला
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के ही आदेश पर निलंबित किए गए मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन चल रहा है.
इसी की कड़ी में शुक्रवार को जियो टीवी के कार्यालय पर पुलिस हमला हुआ और कार्यालय को काफी नुकसान पहुंचाया गया.
जियो टीवी के अनुसार ये हमले पंजाब प्रांत की पुलिस ने किए थे और इस बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रपति ने कहा कि इस संबंध में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा.
दरअसल, वकील पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं और वे मुख्य न्यायाधीश के निलंबन को न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं.
पाकिस्तान की सर्वोच्च न्यायिक परिषद निलंबित मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी के ख़िलाफ़ पद के दुरुपयोग के आरोपों की जाँच कर रही है.
निलंबन की इस कार्रवाई के ख़िलाफ़ वकीलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. वकीलों ने इसे गैरक़ानूनी बताते हुए पूरे पाकिस्तान में अदालतों का बहिष्कार किया था.