बुधवार, 14 मार्च, 2007 को 10:22 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम गांव में बुधवार को हुई पुलिस गोलीबारी में दस से अधिक लोगों के मारे जाने और 50 से अधिक के घायल होने की ख़बरें हैं.
हालांकि प्रशासन की ओर से सात लोगों की मरने और 25 लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है.
लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या 10 से अधिक है और 15 तक भी हो सकती है.
घायलों में कुछ पुलिसवाले भी हैं.
पूर्वी मिदनापुर ज़िले के नंदीग्राम के लोग पिछले कुछ समय से खेती की ज़मीन लेकर रसायन संयंत्र लगाने का विरोध कर रहे हैं और इसी को लेकर वहाँ पिछले कुछ दिनों से तनाव था.
केंद्र सरकार की ओर गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि अब वहाँ स्थिति नियंत्रण में है.
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है.
लोकसभा में हंगामा हुआ है और पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों ने 16 मार्च को राज्यव्यापी बंद का अलग-अलग आव्हान किया है.
यहाँ तक कि पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी वामगठबंधन के घटकदलों में मतभेद उभर आए हैं. आरएसपी और फ़ॉर्वर्ड ब्लॉक ने इस घटना की निंदा करते हुए विरोध जताया है वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने इसे 'शर्मनाक' बताया है.
लेकिन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि इसके पीछे किसानों के विरोध के अलावा दूसरी चीज़ें भी हैं क्योंकि सरकार नंदीग्राम में विशेष आर्थिक क्षेत्र न बनाने की घोषणा कर चुकी है.
गोलीबारी
पिछले कुछ समय से वामपंथी सरकार वाले राज्य पश्चिम बंगाल का नंदीग्राम गांव लगातार चर्चा में बना हुआ है.
राजधानी कोलकाता के कोई डेढ़ सौ किलोमीटर दूर स्थित नंदीग्राम में पुलिस का भारी जमावड़ा है और लगभग पाँच हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
नंदीग्राम में पुलिस का भारी जमावड़ा है और लगभग पाँच हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
अधिकारियों के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया है ताकि नंदीग्राम में प्रस्तावित रासायनिक इकाइयों के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा किया जा सके.
बुधवार को गोलीबारी की यह घटना तब हुई जब स्थानीय लोग इस क्षेत्र में सरकार और पुलिस के प्रवेश का विरोध कर रहे थे.
राज्य के गृह-सचिव प्रसाद रंजन रॉय ने बताया कि प्रदर्शनकर्ताओं की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले आँसू गैस के गोले छोड़े लेकिन जब पुलिस पर हमला किया गया तो पुलिस ने किसानों की भीड़ पर गोलियां चलाई.
रॉय ने भारी हिंसा की बात स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें मरने वालों की संख्या ठीक-ठीक मालूम नहीं लेकिन उनके मुताबिक़ बड़ी संख्या में किसान और पुलिस के लोग घायल हुए हैं.
विवाद
नंदीग्राम में विवाद की वजह है यहाँ प्रस्तावित रासायनिक इकाई की स्थापना के लिए भूमि आबंटन.
राज्य सरकार जहाँ इस तरह के कारख़ानों की स्थापना के लिए इस गाँव की ज़मीन के अधिग्रहण का अधिकार संबंधित समूहों को सौंप चुकी है वहीं स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अपनी ज़मीन पर ऐसी कोई इकाई नहीं चाहते हैं और उन्हें उनकी ज़मीनें वापस कर दी जाएँ.
इसको लेकर कई मानवाधिकार संगठन और राज्य के विपक्षी दल भी सरकार का विरोध करते रहे हैं.
लोगों और पुलिस प्रशासन के बीच यहाँ की ज़मीन के अधिग्रहण को लेकर पिछले कुछ दिनों से संघर्ष लगातार जारी है.
इसी इलाक़े में इंडोनेशिया की सलेम समूह भी निवेश करने की योजना बना रही है.
बंद का आव्हान
इस घटना के बाद राज्य विधानसभा के विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया और मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के ख़िलाफ़ नारे लगाए.
तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बैनर्जी ने सरकार को बर्खास्त करने की माँग की है और कहा है कि कम से कम 20 लोग मारे गए हैं और 200 लोग घायल हुए हैं.
तृणमूल कांग्रेस समर्थित कृषि ज़मीन रक्षा समिति ने 16 मार्च को राज्यव्यापी बंद का आव्हान किया है.
इसी तारीख़ को कांग्रेस और भाजपा ने भी बंद का आव्हान किया है.
इधक दिल्ली में संसद में भी इस घटना को लेकर हंगामा हुआ है और भाजपा ने लोकसभा से वॉकआउट किया.
जब केंद्रीय गृहसचिव अपना बयान दे रहे थे तो भाजपा सदस्यों ने विरोध में नारे लगाए.
केंद्र सरकार ने जहाँ राज्य सरकार से इस घटना की रिपोर्ट माँगी है वहीँ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने स्थिति का जायज़ा लेने के लिए रक्षामंत्री प्रणव मुखर्जी को वहाँ भेजा है.
दूसरी ओर इस घटना के बाद नंदीग्राम और आर्थिक विकास को लेकर वामदलों में मतभेद सामने आ गए हैं.
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ वाम गठबंधन के घटक दलों ने इस पर विरोध प्रकट किया है और कहा है कि सरकार को इसे लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने इस पर वाममोर्चा की बैठक बुलाने की माँग की है और पार्टी महासचिव एबी बर्धन कोलकाता पहुँच गए हैं.