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मंगलवार, 13 मार्च, 2007 को 20:41 GMT तक के समाचार

नहीं मिली मुलायम सिंह को राहत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की वह याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है जिसमें उन्होंने आय से अधिक संपत्ति की सीबीआई जाँच रोकने की अपील की थी.

यह मामला मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के पास आय से अधिक संपत्ति का है और सीबीआई से इस मामले की जाँच के आदेश ख़ुद सुप्रीम कोर्ट ने ही दिए थे.

मुलायम सिंह यादव इस जाँच को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने तक रुकवाना चाहते थे.

मुलायम सिंह यादव ने अपनी याचिका में यह भी कहा था कि चूंकि सीबीआई केंद्र सरकार के अधीन है इसलिए उन्हें निष्पक्षता का भरोसा नहीं है.

अपनी याचिका में उन्होंने मामले की जांच स्वतंत्र रुप से किसी न्यायाधीश से कराने की भी अपील की थी.

न्यायमूर्ति एआर लक्ष्मण की अध्यक्षता वाले एक पीठ ने कहा है कि चूँकि आदेश दिए जा चुके हैं इसलिए इस पर कोई अंतरिम अपील नहीं हो सकती.

पीठ ने कहा है कि यदि मुलायम सिंह यादव चाहें तो पुनर्विचार याचिका दायर कर सकते हैं.

बाद में समाजवादी पार्टी के सहासचिव अमर सिंह ने कहा है कि मुलायम सिंह यादव जल्दी ही एक पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे.

याचिका

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने अपनी याचिका में एक मार्च को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश में बदलाव की अपील की थी जिसके तहत कोर्ट ने सीबीआई से ख़ुद मुलायम सिंह, उनके पुत्र और सासंद अखिलेश और प्रतीक यादव और पुत्रवधू डिंपल यादव के ख़िलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले मे प्राथमिक जाँच के लिए कहा था.

अपनी याचिका में उन्होंने सीबीआई जाँच पर 31 मई तक रोक लगाने की मांग की थी ताकि राज्य में विधानसभा चुनाव पूरे हो जाएँ.

मुलायम सिंह के ख़िलाफ़ आयकर विभाग भी जांच कर रहा है और इस बारे में उन्होंने कहा है कि यह जाँच चलने दी जाए और इस जाँच के खात्मे के बाद ही कोर्ट और कोई आदेश दे.

मुलायम सिंह और उनके परिवार के ख़िलाफ उत्तर प्रदेश के निवासी विश्वनाथ चतुर्वेदी ने जनहित याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री पर अवैध तरीकों से संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया है.