सोमवार, 12 मार्च, 2007 को 22:02 GMT तक के समाचार
गोरखपुर से भाजपा के सांसद योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात रखने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से विशेष अनुमति ली थी.
लेकिन जब वे अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो फूट-फूट कर रोने लगे.
कुछ देर तक तो वे अपनी इस रुलाई के चलते कुछ बोल ही नहीं पाए और जब बोले तो कहा कि उत्तरप्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार उनके ख़िलाफ़ षडयंत्र कर रही है और उन्हें जान का ख़तरा है.
समाजवादी पार्टी सांसद शाहिद सिद्दीक़ी ने जहाँ इसे नाटक बताया तो कांग्रेस सांसद राजेश मिश्रा ने इसे राजनीतिक आँसू कहा है.
लेकिन आरजेडी के सांसद रघुनाथ झा को लगा कि ये आँसू सच्चे थे और आदित्यनाथ अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.
वैसे लोकसभा अध्यक्ष ने भी आश्वासन दिया है कि वे पीठ के अधिकारक्षेत्र में जो कुछ भी होगा वो सब क़दम उठाएँगे.
आरोप
वैसे तो योगी आदित्यनाथ अपने तेज़तर्रार स्वभाव के लिए जाने जाते हैं और संसद में अक्सर उनकी आवाज़ बुलंद ही होती है.
लेकिन सोमवार को जब वे खड़े हुए तो आवाज़ निकल नहीं रही थी और आँसू थम नहीं रहे थे.
बगल में बैठे साथी रूमाल निकालकर उनके आँसू पोंछ रहे थे और लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी उन्हें आश्वासन दे रहे थे कि वे अपनी बात कहें.
तीसरी बार चुने गए भाजपा सांसद ने आशंका जताई कि समाजवादी पार्टी से उनकी जान को ख़तरा है.
उन्होंने कहा कि पिछले महीने गोरखपुर जाते हुए उन्हें शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया और जिस मामले में उन्हें सिर्फ़ 12 घंटे बंद रखा जा सकता था, उस मामले में 11 दिन जेल में रखा गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन उनके ख़िलाफ़ षडयंत्र कर रहा है.
उल्लेखनीय है कि 27 जनवरी को दो समुदायों में झड़प के बाद गोरखपुर में तनाव था.
भाजपा सांसद आदित्यनाथ को जब गोरखपुर जाते हुए गिरफ़्तार किया गया तो इसके बाद उनके समर्थकों ने हिंसा और तोड़फोड़ शुरु कर दी थी और बाद में तनाव आसपास के ज़िलों में भी फैल गया था.