रविवार, 11 मार्च, 2007 को 10:59 GMT तक के समाचार
पूर्वी श्रीलंका में सरकारी सेना और तमिल विद्रोहियों लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम यानी एलटीटीई के बीच लड़ाई के कारण लोगों के पलायन का सिलसिला जारी है.
विद्रोहियों और सेना के बीच लड़ाई में पाँच सैनिक घायल हुए हैं. हालांकि समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार ताज़ा लड़ाई में कम से कम 11 लोग मारे गए हैं.
कलमुनाई क्षेत्र में लिट्टे द्वारी बिछाई गई बारुदी सुरंग की चपेट में आने से दो पुलिस कमांडो की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया.
सेना के अनुसार जाफ़ना प्रायद्वीप के नागरकोवली में चार और पेरियाथामपनाइ में तीन विद्रोही मारे गए.
सेना के अधिकारियों का कहना है कि बट्टिकलोवा शहर से शनिवार को तकरीबन 10 हज़ार लोग सरकार नियंत्रित इलाक़े के शरणार्थी शिविरों में पहुँचे हैं.
इसके साथ ही पिछले कुछ दिनों में अपना घरबार छोड़कर शरणार्थी शिविरों में पहुँचने वालों की तादाद 40 हज़ार के लगभग हो गई है.
सेना और विद्रोहियों के बीच गोलीबारी हुई है और सेना का कहना है कि उसने लिट्टे के कई ठिकानों को तबाह कर दिया है.
संघर्ष तेज़
शनिवार की रात लड़ाई उस वक़्त भड़क उठी जब विद्रोहियों का एक गुट सरकार के नियंत्रण वाले इलाक़े में घुस आया.
इस संघर्ष में पाँच सैनिक घायल हुए हैं और सेना ने लिट्टे को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया है.
श्रीलंका के उत्तर और पूर्वी क्षेत्र में तमिलों के लिए स्वतंत्र क्षेत्र की माँग के लिए दशकों से संघर्ष कर रहे लिट्टे ने इन रिपोर्टों पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है.
तटीय क्षेत्रों में महीनों के संघर्ष के बाद लिट्टे को खदेड़ने के बाद सेना पूर्वी प्रांत के शेष हिस्से पर भी कब्जे के लिए आगे बढ़ रही है.
तमिल विद्रोहियों का कहना है कि सरकार उन्हें पूरी तरह से युद्ध में उतरने के लिए विवश कर रही है और अगर ऐसा हुआ तो पूरा द्वीप इसकी आग में झुलसेगा.