रविवार, 11 मार्च, 2007 को 19:47 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि एक संघर्ष के बाद सैनिकों को 14 तमिल विद्रोहियों के शव मिले हैं.
यह संघर्ष देश के पूर्वी हिस्से में हुआ.
पिछले दिनों सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच लड़ाई बढ़ी है क्योंकि सुरक्षाबल देश के पूर्वी हिस्सों से तमिल विद्रोहियों को हटाने का प्रयास कर रहे हैं जहाँ अभी भी उनका कब्ज़ा है.
इस बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति महिन्द्रा राजकापसे ने पुलिस से कहा है कि वो मानवाधिकार हनन की घटनाओं को रोकने के प्रयास करे जिसमें अपहरण और प्रताड़ना शामिल है.
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षाबलों और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्ष अंधेरा होने के बाद बट्टिकोलोआ ज़िले में हुआ.
उनका कहना है कि जब सेना के जवान गश्त पर थे तो तमिल विद्रोही टकरा गए और संघर्ष की शुरुआत हुई.
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि संघर्ष ख़त्म हो गया है और सैनिकों ने 14 तमिल विद्रोहियों के शव बरामद किए हैं.
मंत्रालय का कहना है कि इसमें एक सैनिक की भी जान गई है और दस अन्य घायल हुए हैं.
तमिल विद्रोहियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
बट्टिकोलोआ के लोगों का कहना है कि रविवार को दिन भर गोलीबारी होती रही और रॉकेट दागे जाते रहे.
इस बीच और कई हज़ार लोग तमिल विद्रोहियों के इलाक़े से पलायन करके सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों में पहुँच गए हैं.
हाल के दिनों में कोई 45 हज़ार लोग इस इलाक़े से पलायन कर चुके हैं.
मानवाधिकार
इस बीच राष्ट्रपति महिन्द्रा राजकापसे ने पुलिस से अपील की है कि वो मानवाधिकार हनन की घटनाओं को रोके.
उल्लेखनीय है कि पिछले दो हफ़्तों में कम से कम 10 लोगों के शव मिल चुके हैं जिन्हें प्रताड़ित करके मार दिया गया था.
राष्ट्रपति का कहना है कि लोगों को इसलिए मारा जा रहा है ताकि सरकार को बदनाम किया जा सके.
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं का कहना है कि श्रीलंका में फिर से गृहयुद्ध शुरु होने के बाद से ऐसी घटनाएँ बढ़ी हैं.
अगले हफ़्ते जेनेवा में होने वाली संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है.