गुरुवार, 08 मार्च, 2007 को 02:42 GMT तक के समाचार
दिल्ली में नर्सरी में प्रवेश की उम्र को लेकर हाईकोर्ट और दिल्ली सरकार उलझे हुए हैं. इस बारे में दोनों की राय अलग अलग है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि नर्सरी कक्षा में दाख़िले की आयु सीमा को तीन साल से बढ़ाए जाने की दिल्ली सरकार की अपील पर विचार करने से इनकार कर दिया.
अदालत ने इसके साथ ही यह मामला नर्सरी कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया पर विचार करने के लिए गठित अशोक गांगुली समिति को सौंप दिया है.
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश एमके शर्मा और संजीव खन्ना की पीठ ने गांगुली समिति से कहा कि वह इस बारे में दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग से विचार-विमर्श करे और अपनी रिपोर्ट 31 मार्च तक अदालत में पेश करे.
अदालत ने इस संबंध में अपने पुराने आदेश में संशोधन करने से भी इनकार कर दिया जिसमें कहा गया था कि दिल्ली शिक्षा क़ानून के अनुसार नर्सरी में प्रवेश के समय बच्चे की उम्र तीन साल और पहली कक्षा में प्रवेश के समय उसकी उम्र पाँच साल होनी ही चाहिए.
इसके बाद दिल्ली सरकार ने अदालत के उस फ़ैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था.
दिल्ली सरकार ने नर्सरी में दाख़िले की उम्र चार वर्ष निर्धारित की है और वह उसको जारी रखना चाहती है.
दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री अरविंद सिंह लवली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ज़रूरत पड़ने पर इस पर विधेयक लाया जा सकता है.
इसके पहले अदालत ने कहा था कि निजी नर्सरी स्कूलों में दाख़िले के लिए बच्चों और उनके अभिभावकों का साक्षात्कार नहीं लिया जाएगा.
वर्तमान में नर्सरी स्कूलों में दाख़िले से पहले बच्चों और उनके माता-पिता को लंबे चौड़े इंटरव्यू से गुज़रना पड़ता था.