बुधवार, 07 मार्च, 2007 को 10:01 GMT तक के समाचार
नेपाल में मधेशी जनाधिकार मंच के अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन भी देश के दक्षिणी हिस्से में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा है.
ख़बरों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पूर्वी तराई शहर बिराटनगर में एक ट्रक और एंबुलेंस को भी क्षति पहुँचाई.
जनकपुर और बीरगंज जैसे मध्यवर्त्ती शहरों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
इस क्षेत्रीय संगठन ने मधेशी लोगों की समस्याओं पर किसी भी बातचीत के पूर्व शर्त्त के रूप में गृह मंत्री कृष्ण प्रसाद सितौला के इस्तीफ़े की मांग की है.
इस बीच बहुदलीय सरकार ने संसद में अंतरिम संविधान में संशोधन की प्रक्रिया पहले ही शुरु कर दी है.
इस संशोधन में मधेशी और यहाँ के मूल निवासियों की मांगों को शामिल किया गया है.
पिछले महीने इन क्षेत्रों में भड़की जातीय हिंसा में करीब दो दर्जन से अधिक लोग मारे गए थे.
इसके बाद सरकार ने कुछ घोषणाएँ की थी जिसमें तराई ईलाकों में आबादी के घनत्व के आधार पर संसदीय क्षेत्रों के पुनर्निधारण और संघीय कानून की शुरुआत करने जैसी बातें शामिल थी.
अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन किसानों, उद्योगपतियों और ट्रांसपोर्टरों द्वारा हड़ताल की अवहेलना शुरु किए जाने के साथ ही मधेशी कार्यकर्ता हिंसक हो उठे.
इधर सरकार ने भी आश्वासन दिया है कि हड़ताल को नहीं मानने वालों को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी.
इसके बावज़ूद दक्षिणी नेपाल के 22 तराई जिलों में से ज़्यादातर ज़िलों में हड़ताल का असर देखा गया है.
भारतीय सीमा से लगे दक्षिणी नेपाल के तराई या मधेशी हिस्सों में नेपाल के दो करोड़ सत्तर लाख आबादी का करीब एक-चौथाई हिस्सा रहता है.
पिछले नवम्बर वर्ष नवम्बर में माओवादियों और बहुदलीय सरकार के बीच हुए शांति समझौते के बाद नेपाल में करीब एक दशक से चल रहे संघर्ष का अंत हो गया था.
अब वहाँ एक नए संविधान सभा के लिए चुनाव की तैयारी चल रही है जो एक नए संविधान को तैयार करेगा.
माना जा रहा है कि इस तरह के हड़तालों से चुनाव में जून महीने तक की देरी हो सकती है.