मंगलवार, 06 मार्च, 2007 को 18:02 GMT तक के समाचार
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सांसद सुनील महतो के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. इस मौके पर झामुमो समर्थकों ने माओवादियों के ख़िलाफ़ नारे लगाए.
वो जमशेदपुर से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. हज़ारों की संख्या में लोगों ने अपने सांसद को अंतिम विदाई दी. इस मौके पर मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, झारखंड सरकार के अधिकतर मंत्री और अन्य राजनीतिक दलों के नेता उपस्थित थे.
उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. संदिग्ध माओवादियों ने घाटशिला के निकट एक गाँव में उनकी हत्या कर दी थी.
अंतिम संस्कार के समय मौजूद झामुमो कार्यकर्ताओं ने माओवादियों के ख़िलाफ़ नारे लगाए.
इस बीच घोराबांधा के निकट ऐसे पोस्टर मिले हैं जिनमें माओवादियों ने झामुमो सांसद की हत्या की ज़िम्मेदारी ली है.
मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का कहना है कि जो पर्चे मिले हैं वो वास्तव में माओवादियों ने जारी किए हैं या नहीं, इसका पता लगाया जा रहा है.
हत्या
सुनील महतो की हत्या उस समय हुई, जब होली के मौक़े पर किशनपुर गाँव में एक फ़ुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था.
सुनील कुमार महतो को इस प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था. इसी बीच संदिग्ध महिला माओवादियों का एक दस्ता आया और उन्होंने अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिलाओं के साथ कुछ लोग स्टेज पर चढ़े और सुनील महतो से मदद की गुहार करने लगे. जब सुनील उनसे बात करने लगे तो अचानक इन सभी ने हथियार निकाल कर गोलियां चलानी शुरु कर दी.
सांसद सुनील कुमार महतो के दो अंगरक्षकों और पार्टी के नगर अध्यक्ष प्रभाकर महतो की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. जबकि सुनील कुमार महतो गंभीर रूप से घायल हो गए.
सुनील कुमार महतो को जमशेदपुर के टाटा मेन अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहाँ बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
झारखंड मुक्ति मोर्चा सत्ताधारी गठबंधन में शामिल है. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने शीर्ष मंत्रियों और अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई.
इसी इलाक़े में पिछले साल पूर्व गृह मंत्री सुदेश महतो पर भी हमला हुआ था जिसमें वे बाल-बाल बच गए थे.