उत्तर अटलांटिक सैन्य संधि संगठन यानी नैटो ने अफ़ग़ान सेना के साथ अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत में तालेबान के ख़िलाफ़ अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान चलाया है.
उधर तालेबान ने दावा किया है कि एक ब्रितानी पत्रकार समेत तीन लोग उसके कब्ज़े में हैं.
नैटो का मकसद है अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांत हेलमंद में सुरक्षा स्थिति को बेहतर बनाना.
अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षा बलों के साथ चलाए जा रहे इस संयुक्त अभियान का निशाना तालेबान के वफ़ादार लड़ाके और नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े स्थानीय लोग हैं.
एक हज़ार अफ़ग़ान सैनिकों समेत क़रीब साढ़े पाँच हज़ार सैनिक इस अभियान में भाग ले रहे हैं.
इस अभियान के तहत जल विद्युत परियोजनाओं और विद्युत स्टेशनों पर नैटो-अफ़ग़ान सेना का नियंत्रण कायम किया जाएगा ताकि इनकी मरम्मत की जा सके.
नैटो का कहना है कि ये अभियान अगर सफल रहा तो लगभग 20 लाख लोगों को विद्युत आपूर्ति फिर से बहाल हो सकेगी.
तालेबान का दावा
इस बीच, तालेबान ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटेन के एक पत्रकार और दो अफ़ग़ानी नागरिकों को अपने कब्ज़े में लिया है.
तालेबान के नेता मुल्ला दादुल्लाह के एक नज़दीकी सूत्र ने बीबीसी को बताया कि हेलमंद प्रांत के एक ज़िले में बिना अनुमति के प्रवेश करने वाले तीन लोगों को तालेबान ने अपने कब्ज़े में लिया है.
तालेबान प्रवक्ता ने इन लोगों पर जासूसी का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें पूछताछ के लिए तालेबान के ठिकाने पर रखा गया है.
तालेबान ने अफ़ग़ानी नागरिकों के नाम अजमल और सैयद आग़ा बताए हैं, ये दोनो ब्रिटेन के पत्रकार के लिए दुभाषिए का काम करते थे.
ब्रितानी नागरिक का नाम जॉन निकन बताया गया है, लेकिन अभी ये पता नहीं चल सका है कि वे किसके लिए काम कर रहे थे.