सोमवार, 05 मार्च, 2007 को 18:02 GMT तक के समाचार
हुर्रियत कॉफ़्रेंस के कट्टरपंथी धड़े ने केंद्र सरकार से अपील की है कि सैयद अली शाह गिलानी को कैंसर के इलाज़ के लिए विदेश जाने की अनुमति दी जाए.
गिलानी की अगुआई वाले हुर्रियत गुट के प्रवक्ता मोहम्मद अशरफ़ ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें भारतीय डॉक्टरों पर पूरा विश्वास है लेकिन वो अपने नेता के इलाज़ के लिए आधुनिक सुविधाओं का इस्तेमाल करना चाहते हैं.
उन्होंने भारत सरकार से मानवीय आधार पर इस माँग को मान लेने की अपील की. गिलानी को गुर्दे का कैंसर है.
77 वर्षीय गिलानी का एक गुर्दा चार साल पहले सर्जरी के ज़रिए निकाल दिया गया था.
दिल्ली के अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन समीर कौल ने उन्हें गुर्दे की सर्जरी कराने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा था कि हुर्रियत नेता को आगे चल कर गुर्दा प्रत्यारोपण भी करवाना पड़ सकता है.
सैयद अली शाह गिलानी के पासपोर्ट की वैधता वर्ष 1981 में ही ख़त्म हो चुकी है और उसके बाद से वो विदेश नहीं गए हैं. बीच में एक बार अस्थायी पासपोर्ट पर उन्होंने हज यात्रा की थी.
कई कश्मीरी युवाओं ने गिलानी को अपना गुर्दा दान करने की पेशकश की है.