शनिवार, 03 मार्च, 2007 को 16:40 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हुर्रियत नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ के उस दावे को 'अटकलबाज़ी' कहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में सैनिकों की संख्या कम करने को राज़ी हो गए हैं.
मीरवाइज़ के बयान पर पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "ये सभी अटकलबाज़ियाँ हैं." उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सैनिकों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए ही तैनात किया गया है.
ऑल पार्टी हुर्रियत कॉंफ़्रेंस के उदारवादी गुट के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने कहा था कि सैनिकों की संख्या कम करने के प्रस्ताव पर भारत और पाकिस्तान 'सैद्धांतिक रुप से सहमत' हो गए हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर 'आतंकवाद' समाप्त हो जाता है, तो वे सेना की संख्या कम करने के ख़िलाफ़ नहीं हैं.
उन्होंने कहा, "अगर आतंकवाद समाप्त हो जाए, तो हम सेना की संख्या कम करके ख़ुश होंगे. हमारी सेना क़ब्ज़े वाली सेना नहीं है. हमारी सेना वहाँ नागरिकों की सुरक्षा और क़ानून पसंद लोगों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए है."
दावा
उमर फ़ारूक़ ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "अब सिर्फ़ दोनों देशों के बीच ये तय करना है कि इस पर किस तरह अमल किया जाए."
मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ कश्मीर मसले पर पिछले तीन वर्षों से भारत और पाकिस्तान सरकार के साथ अलग-अलग बातचीत कर रहे हैं.
उन्होंने इस साल जनवरी में पाकिस्तान का दौरा किया था और उसके बाद से वे कश्मीर मामले का जल्दी समाधान निकलने की आशा व्यक्त कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता निर्णायक चरण में पहुँच गई है.
मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने कहा, "मैं आपको बता सकता हूँ कि भारत पाकिस्तान के साथ सेना कम करने के मुद्दे पर बात कर रहा है."
फ़ारूक़ के मुताबिक़ सेना में कटौती कश्मीर के दोनों तरफ़ से होगी और यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी.