http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 03 मार्च, 2007 को 06:59 GMT तक के समाचार

शाहज़ेब जिलानी
बीबीसी संवाददाता, वाशिंगटन

पाकिस्तानी राजदूत ने अमरीका को चेताया

अमरीका में पाकिस्तानी राजदूत ने अमरीकी सरकार को चेतावनी दी है कि 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष' को लेकर और अधिक दबाव राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को नुक़सान पहुँचा सकता है.

उनका कहना था कि इससे पाकिस्तान अस्थिर हो सकता है.

पाकिस्तान के राजदूत महमूद अली दुर्रानी ने बीबीसी से कहा कि हाल में अमरीकी संसद का पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता में कटौती की धमकी से राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की परेशानियाँ और बढ़ सकती हैं.

उनका कहना था कि इससे पाकिस्तान में अमरीका विरोधी ताकतों को मज़बूती मिलेगी और संबंधों को नुक़सान पहुँच सकता है.

अमरीकी राजदूत ने पाकिस्तान पर बढ़ते अमरीकी दबाव का खुलासा किया और इस पर चिंता जताई.

बढ़ता दबाव

जब से राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने उत्तरी वज़ीरिस्तान में चरमपंथियों से विवादास्पद समझौता किया है, तब से पाकिस्तान पर अमरीकी दबाव बढ़ता जा रहा है.

पाकिस्तान ने पश्चिमी जगत को आश्वस्त करने की कोशिश की लेकिन वे अब तक असफल रही हैं.

पाकिस्तानी राजदूत दुर्रानी का कहना था,'' हम अमरीका से कह रहे हैं कि पाकिस्तान आपका दोस्त है. हम आपकी मदद करना चाहते हैं. हमारे ऊपर दबाव डालने के बजाए हम मिलकर काम करें.''

जनवरी में अमरीकी हाउस ऑफ रिप्रेसेंटेटिव ने एक प्रस्ताव पारित कर भविष्य की सभी सैन्य सहायता पाकिस्तान के आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष में उसकी भूमिका से जोड़ दी है.

हालांकि अभी यह प्रस्ताव अमरीकी सीनेट के विचाराधीन है.

ग़ौरतलब है कि हाल में अमरीका के उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने पाकिस्तान की यात्रा की थी और कहा था कि वो अफ़ग़ान सीमा पर तालेबान से लड़ने के लिए और क़दम उठाए.