http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 01 मार्च, 2007 को 05:46 GMT तक के समाचार

मुलायम सिंह की संपत्ति जाँच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की संपत्ति की प्रारंभिक जाँच का काम शुरू करे.

सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश गुरुवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद जारी किया है.

इस आदेश के अंतर्गत मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव सहित परिवार के कुछ अन्य सदस्यों की संपत्ति की जाँच का काम शुरू हो सकता है.

वर्ष 2005 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव पर अपने पद का दुरुपयोग करने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है.

याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी लखनऊ के एक वकील हैं. उन्होंने अपनी याचिका में मुलायम सिंह पर आरोप लगाया है कि पिछले लगभग दो दशकों के दौरान उन्होंने अपने मुख्यमंत्री पद का दुरुपयोग किया है और उनके पास आय से भी ज़्यादा संपत्ति है जो कि करोड़ों में है.

याचिकाकर्ता ने वर्ष 1977 के एक हलफ़नामे का हवाला भी दिया है जो मुलायम सिंह यादव की ओर से दायर किया गया था. इस हलफ़नामे में उन्होंने अपनी संपत्ति 79 करोड़ बताई थी.

इसमें गाँव का एक मकान, कुछ पैसे और ज़मीन का एक हिस्सा बतौर संपत्ति बताया गया था. उन दिनों मुलायम सिंह राज्य सरकार में सहकारिता मंत्री थे.

मुसीबत

हालांकि अभी मुलायम सिंह यादव के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोई भी आरोप साबित नहीं हो सका है और इस मामले की जाँच होनी है पर माना जा रहा है कि राज्य में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जाँच का यह आदेश मुलायम सिंह के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है.

जाँच का यह आदेश ऐसे समय में आया है जब गुरुवार को ही बहुजन समाज पार्टी की ओर से एक बड़ी संकल्प रैली का आयोजन लखनऊ में किया गया है.

बसपा सहित अन्य विपक्षी दल अब जाँच के इस आदेश को मुलायम सिंह और समाजवादी पार्टी के ख़िलाफ़ चुनावी मुद्दा बनाने से नहीं चूकेंगे.

इस फ़ैसले के तुरंत बाद जनता दल (यूनाइटेड) के नेता शरद यादव ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस फैसले से साफ़ हो गया है कि कुछ लोग राजनीति में आकर अपार संपत्ति कमाते हैं.

उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट का फैसला एकदम सही है. इसकी जाँच की जानी चाहिए और दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए."

पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार के साथ अपने टकराव को लेकर चर्चा में रहे मुलायम सिंह के लिए यह ताज़ा मामला उनकी लोकप्रियता को भी प्रभावित कर सकता है.