सोमवार, 26 फ़रवरी, 2007 को 17:19 GMT तक के समाचार
बोफ़ोर्स मामले के अभियुक्त इतालवी नागरिक ओत्तावियो क्वात्रोकी को अर्जेंटीना में इस शर्त पर जमानत मिल गई है कि वो अर्जेंटीना छोड़ कर नहीं जाएंगे.
केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक विजय शंकर ने सोमवार को यह जानकारी दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार विजय शंकर ने कहा है कि सीबीआई को इस संबंध में सोमवार की शाम इंटरपोल से एक संदेश प्राप्त हुआ है.
उन्होंने बताया कि भारत 30 दिनों की समयसीमा में ही क्वात्रोकी के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिकताएं पूरी कर लेगा. तीस दिनों की अवधि सात मार्च को खत्म हो रही है.
विजय शंकर का कहना था कि क्वात्रोकी को जमानत मिलने का प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
सीबीआई निदेशक के अनुसार अर्जेंटीना में भारत के राजदूत प्रथमेश रथ ने ब्यूनोस आयरिश में अर्जेंन्टीना के विदेश मंत्रालय से क्वात्रोकी के संबंध में विचार विमर्श किया है.
क्वात्रोकी अर्जेंटीना के रास्ते ब्राज़ील जा रहे थे जब उन्हें हिरासत में लिया गया.
विजय शंकर ने बताया कि अर्जेंटीना की एजेंसी ने भारतीय विदेश मंत्रालय को यह जानकारी दी और प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं पूरी करने को कहा.
सीबीआई की टीम सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जल्दी ही अर्जेंटीना रवाना हो सकती है ताकि क्वात्रोकी को पूछताछ के लिए भारत लाया जा सके.
संसद में हंगामा
उधर क्वात्रोकी के मुद्दे पर सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया और प्रश्नकाल नहीं चलने दिया.
एनडीए ने लोक सभा में लालू यादव के रेल बजट पेश किए जाने पर भारी हंगामा किया और राज्यसभा की कार्यवाही तो पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.
लोक सभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में हुई एनडीए नेताओं की एक बैठक में संसद में क्वात्रोकी मामले को जोरशोर से उठाने का फ़ैसला किया गया.
इस बैठक की जानकारी देते हुए राज्यसभा में भाजपा की उप नेता सुषमा स्वराज ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में प्रश्नकाल नहीं चलने दिया जाएगा.
लोक सभा में रेल बजट पेश किए जाने के सवाल पर स्वराज ने कहा कि एनडीए रेल मंत्री लालू प्रसाद को रेल बजट नहीं पढ़ने देगा.
स्वराज ने कहा कि क्वात्रोकी मुद्दे पर सरकार के स्पष्टीकरण तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा.
दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह क्वात्रोकी मामले में एक सप्ताह में अपना पक्ष रखे.
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि क्वात्रोकी को इतने दिन पहले हिरासत में लिए जाने के बाद भी सीबीआई ने इस मामले को छुपाए रखा और वह मामले को दबा देना चाहती है.
उल्लेखनीय है कि ओत्तावियो क्वात्रोकी को इंटरपोल के वारंट पर छह फ़रवरी को अर्जेंटीना की पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.
लेकिन भारत और अर्जेंटीना के बीच प्रत्यर्पण संधि न होने के कारण क्वात्रोकी को भारत लाना आसान नहीं होगा.
हालांकि विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि इस मामले में जो भी नियम क़ानून हैं, उनके तहत क्वात्रोकी को भारत लाने की हर संभव कोशिश की जाएगी.