सोमवार, 26 फ़रवरी, 2007 को 14:57 GMT तक के समाचार
अमरीका के उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने पाकिस्तान से कहा है कि वो अफ़ग़ान सीमा पर तालेबान से लड़ने के लिए और क़दम उठाए. लेकिन साथ ही उन्होंने 'आतंकवाद के ख़िलाफ़' जंग में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना भी की.
डिक चेनी ने सोमवार को अचानक पाकिस्तान का दौरा किया और पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाकात की.
पाकिस्तान को अमरीका का सहयोगी माना जाता है लेकिन पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा के पास कबायली इलाक़ों में तालेबान के बढ़ते प्रभाव से अमरीका चिंतित है.
डिक चेनी ने इस्लामाबाद में कुछ ही घंटे बिताए और फिर काबुल चले गए. उन्होंने परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाकात के बाद कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया.
हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स में एक रिपोर्ट छपी थी जिसमें कहा गया था कि अमरीकी राष्ट्रपति कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि अगर पाकिस्तान चरमपंथियों से कड़ाई से पेश नहीं आता तो उसे मिलने वाली आर्थिक मदद में कटौती की जा सकती है.
ब्रिटेन की विदेश मंत्री मार्ग्रेट बेकेट भी इस्लामाबाद में हैं.
बीबीसी संवादादाता का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान सीमा के पास बसे पाकिस्तानी कबीलों से तालेबान को जो समर्थन मिलता है, अमरीका और ब्रिटेन उससे चिंतित हैं.
संवाददाता के मुताबिक इस बारे में अमरीका ने पिछले कुछ समय में तीखी टिप्पणियाँ की हैं.
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाकात में डिक चेनी ने कबायली इलाक़ों में तालेबान के फिर से संगठित होने पर चिंता जताई.
अमरीकी राष्ट्रपति काबुल में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति से भी मुलाकात कर रहे हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के 27 हज़ार सैनिक हैं.वर्ष 2001 के हमले के बाद से अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की ये सबसे बड़ी संख्या है.
अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2250 किलोमीटर लंबा साझा सीमा है.