रेल बजट के दौरान विपक्षी एनडीए सदस्यों के भारी हंगामे के बावजूद रेल मंत्री लालू यादव इसे पेश कर रहे हैं. विपक्ष क्वात्रोकी मामले पर सरकार से सफ़ाई माँग रहा है.
भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि एनडीए रेल मंत्री लालू प्रसाद को रेल बजट नहीं पढ़ने देगा.
उनका कहना था कि रेल मंत्री को केवल बजट को पटल पर रखने की अनुमति दी जाएगी.
सुषमा स्वराज का कहना था,'' हम इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष से अपील करेंगे. यदि वो हमारी अपील को स्वीकार कर लेते हैं, तो हम चुप रहेंगे. लेकिन हम रेल मंत्री को बजट भाषण नहीं पढ़ने देंगे.''
दूसरी ओर रेल मंत्री लालू प्रसाद की मानी जाए तो इस वर्ष का रेल बजट अच्छा होगा जिसमें समाज के सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है और साथ ही सुरक्षा के उपायों पर अधिक ध्यान दिया गया है.
रेल बजट की पूर्व संध्या पर रेल मंत्री ने इस बात के संकेत दिए कि बजट में शायद ही ऐसी कोई घोषणा हो जिससे उनकी लोकप्रियता घटने की कोई संभावना बने.
यानी की अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यात्री किराए में बढ़ोतरी नहीं होगी.
बार बार पूछे जाने पर लालू ने केवल इतना कहा,'' अच्छे बजट की उम्मीद कीजिए. हमने पिछले साल में आम आदमी को ध्यान में रखते हुए बजट बनाया था.''
उन्होंने कहा कि वो किराए भाड़े के बारे में फिलहाल कुछ भी नहीं कहना चाहेंगे.
रेल बजट ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुआ है और रेलवे में सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं.
जाहिर है रेल मंत्री को बजट में सुरक्षा संबंधी प्रावधानों पर कुछ अतिरिक्त ध्यान अवश्य देना पड़ा है.
वो कहते हैं.'' सुरक्षा से जुड़े सभी विषयों पर हमने विचार किया है और बजट बनाते समय इसका भी पूरा ध्यान रखा है.''
रेल मंत्री का कहना था कि रेल बजट से लोगों को बहुत उम्मीदें रहती हैं क्योंकि ट्रेन के ज़रिए लाखों की संख्या में लोग यात्रा करते हैं. इसके साथ ही स्टील, धातु और खाद जैसी महत्वपूर्ण वस्तुएं ट्रेनों के द्वारा ही ढोई जाती हैं.