http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 24 फ़रवरी, 2007 को 09:03 GMT तक के समाचार

क्वात्रोकी पर वाम दलों का रुख़ कड़ा

बोफ़ोर्स मामले में अभियुक्त इतालवी नागरिक ओत्तावियो क्वात्रोकी को अर्जेंटीना में हिरासत में लिए जाने के बाद केंद्र सरकार को समर्थन दे रहे वामदलों और मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई पर दबाव बढ़ा दिया है.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने माँग की है कि सीबीआई को इसकी जाँच में हुई कमियों को दूर करते हुए उचित क़ानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को दोबारा खोलना चाहिए.

सीपीएम पोलित ब्यूरो ने अपने बयान में कहा,'' यह आश्चर्यजनक है कि इतनी लंबी जाँच के बाद भी केस में ऐसी कमियाँ और मामूली ग़लतियाँ रह गईं.''

ग़ौरतलब है कि इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदुजा बंधुओं और बोफ़ोर्स कंपनी के ख़िलाफ़ कार्रवाई को ख़ारिज करते हुए कहा था कि सीबीआई की ओर से पेश किए गए कागजात न तो मूल कॉपी हैं और न ही अधिकृत.

प्रत्यर्पण के प्रयास हों

सीपीएम ने कहा है,''बोफ़ोर्स सौदा बड़े घोटाले का उदाहरण है और न तो सीबीआई और न ही हमारी न्यायिक प्रक्रिया ही घोटाले के ऐसे बड़े मामलों में कोई फ़ैसला दे पाई है, इससे लोगों का विश्वास घटा है.''

उधर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने कहा है कि क्वात्रोकी के प्रत्यर्पण के सभी प्रयास किए जाने चाहिए.

भाकपा के नेता डी राजा ने कहा कि भारत और अर्जेंटीना के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है इसलिए सरकार को विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे.

जबकि भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सीबीआई को इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनौती देना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि बोफ़ोर्स तोप सौदा अब भी राजनीति का मुद्दा है और इस पर उनकी पार्टी कांग्रेस का घेराव करेगी.

अन्नाद्रमुक की प्रमुख जयललिता ने आरोप लगाया कि इतालवी नागरिक ओत्तावियो क्वात्रोकी को इस महीने के शुरू में ही हिरासत में ले लिया गया था लेकिन केंद्र सरकार इसे छिपाने का प्रयास कर रही थी.

उन्होंने कहा कि अब क्वात्रोकी को जल्द से जल्द भारत लाए जाने के लिए क़दम उठाए जाने चाहिए.