उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है.
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी के सभी विधायकों ने उन्हें इस्तीफ़े सौंप दिए हैं.
उनका कहना था कि विधानसभा का कार्यकाल 25 फ़रवरी को समाप्त हो रहा है और उसके बाद पार्टी विधायक मौजूदा विधानसभाध्यक्ष के रहते सदन में नहीं जाना चाहते.
मायावती ने दावा किया कि उनकी पार्टी के विधायकों के अलावा भाजपा के पाँच, समाजवादी पार्टी के चार और दो निर्दलीय विधायकों ने उन्हें इस्तीफ़े सौंप दिए हैं.
लखनऊ से पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बसपा के 67 विधायक हैं लेकिन चार विधायकों ने 25 जनवरी को मुलायम सरकार के पक्ष में मतदान किया था और उनका मामला विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विचाराधीन है.
ग़ौरतलब है कि मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 26 फ़रवरी को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है और इसमें वे बहुमत साबित करने की कोशिश करेंगे.
दूसरी ओर चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख़ें घोषित कर दीं हैं.
पहले चरण का मतदान सात अप्रैल को होगा और आख़िरी चरण का मतदान आठ मई को होगा. सभी सीटों की मतगणना एक साथ 11 मई को होगी.
उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा का कार्यकाल 14 मई, 2007 को समाप्त हो रहा है और इससे पहले नई विधानसभा का गठन होना है.