शुक्रवार, 23 फ़रवरी, 2007 को 15:51 GMT तक के समाचार
श्याम सुंदर
बीबीसी संवाददाता
समझौता एक्सप्रेस के बम हमले में अपने पाँच बच्चों को खो चुके, पाकिस्तानी नागरिक राणा शौकत ने पुलिस को संदिग्ध हमलावरों का हुलिया बताया था जिसके बाद पानीपत पुलिस ने उनके 'स्केच' बनाए थे.
लेकिन बच्चे खोने के दुख से गुज़र रहे राणा शौकत और उनकी पत्नी रुख़साना इन परिस्थितियों में भी कुछ विवादों में घिर गए.
शौक़त को लेकर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच कुछ ग़लतफ़हमी भी पैदा हो गई थी. पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से बयान आया था कि शायद भारतीय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है.
लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि गुरुवार को राणा शौकत और उनकी पत्नी, हादसे में बची अपनी पुत्री अक़्सा के साथ पानीपत जाकर अपने पाँच बच्चों के शवों की पहचान करना चाहते थे और इसीलिए वे विशेष पाकिस्तानी वायुसेना के विमान में घर न जा पाए.
पाकिस्तान के फ़ैसलाबाद शहर के रहने वाले राणा शौकत ने बीबीसी को बताया कि वो अपने मामू के बेटे की बीमार पत्नी को मिलने भारत आए थे और समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तान वापस लौट रहे थे.
संदिग्ध हमलावरों के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया, "दिल्ली से रेलगाड़ी रात 11 बजे चली. क़रीब आधे घंटे बाद मैंने एक आदमी को ट्रेन से नीचे उतरते देखा. उसके 15 मिनट बाद ट्रेन में धमाका हुआ और आग लग गई और कुछ मिनट चलने के बाद रेलगाड़ी रुकी."
हमले में मारे गए उनके सभी बच्चों की उन्होंने पहचान कर ली गई है.
पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने संदिग्ध लोगों का हुलिया पुलिस को बताया. सूत्रों के अनुसार इसी के आधार पर संदिग्ध लोगों के 'स्केच' बनाए गए.
भारत सरकार के अधिकारियों के बर्ताव के बारे में शौकत ने बताया कि उनके साथ कोई बुरा बर्ताव नहीं हुआ और न ही किसी ने उन्हें परेशान किया.
उन्होंने कहा कि उनके कागज़ात तैयार हो रहे हैं और ज़ल्द ही वो पाकिस्तान वापस लौट जाएंगे.
शौकत राणा ने कहा कि पूछताछ के संबंध में अगर भारत सरकार उन्हें बुलाएगी तो वो ज़रूर भारत आएँगे.