सोमवार, 19 फ़रवरी, 2007 को 17:40 GMT तक के समाचार
केंद्र की यूपीए सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
कार्यसमिति की तीन घंटे चली बैठक के बाद कांग्रेस ने यह माँग की है.
उधर केंद्रीयमंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल अभी भी आँकड़े गिनाकर यह बताने में लगे हुए हैं कि किस तरह मुलायम सिंह का सरकार में बने रहना ग़लत है.
भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की माँग की है.
वैसे कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई भी राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के पक्ष में हैं.
लेकिन यूपीए को समर्थन दे रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने रविवार को पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार का फ़ैसला केंद्र और राजभवन से नहीं होना चाहिए बल्कि विधानसभा के भीतर होना चाहिए.
मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव पहले ही कह चुके हैं कि वे 26 फ़रवरी को सदन में अपना बहुमत साबित करेंगे.
कार्यसमिति की बैठक
आमतौर पर माना जा रहा था कि कार्यसमिति की बैठक उत्तर प्रदेश का भविष्य तय करने के लिए बुलाई गई है.
लेकिन जब तीन घंटे बाद पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी पत्रकारों से सामने आए तो उन्होंने कहा कि बैठक का एजेंडा महंगाई और मुद्रास्फ़ीति की दर थी.
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर महंगाई कम करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई.
पत्रकारों के बार-बार पूछने पर आख़िर जनार्दन द्विवेदी उत्तर प्रदेश के मसले पर आए और उन्होंने कहा है कि कार्यसमिति ने मुलायम सिंह यादव से नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़े की माँग की है.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कांग्रेस अभी भी यूपीए गठबंधन के सहयोगियों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है.
वैसे डीएमके से लेकर लोकजनशक्तिपार्टी तक कई दल कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं लेकिन सीपीएम के विरोध के बाद कांग्रेस सतर्कता से क़दम उठाना चाहती है.