सोमवार, 19 फ़रवरी, 2007 को 01:36 GMT तक के समाचार
श्याम सुंदर
बीबीसी संवाददाता, पानीपत से
समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में हुए धमाके में मारे गए 66 लोगों में से 11 शवों की पहचान हो गई है. घटना के ज़िम्मेदार लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.
इस बीच बचे हुए लोगों को लेकर ट्रेन पाकिस्तान के लाहौर पहुँच गई है.
ट्रेन के वहाँ पहुँचते ही माहौल ग़मीगीन हो गया.
बुरी तरह झुलसी लाशों को पानीपत के सिविल अस्पताल में रखा गया है जहाँ सोमवार की पूरी शाम हमले के शिकार हुए लोगों के परिजनों का तांता लगा रहा.
शवों की शिनाख़्त का काम रोक मंगलवार सुबह फिर शुरू हो गया. घटनास्थल के पास अब स्थिति सामान्य होती जा रही है. अब तक 11 शवों की पहचान हुई है. इनमें से सात पाकिस्तान के हैं.
अपने चार रिश्तेदारों की पहचान कर चुके मोहम्मद राशिद ने बताया कि पुलिस ने उन्हें फ़ोन करके पानीपत अस्पताल बुलाया था क्योंकि एक मृतक की जेब से उनका फ़ोन नंबर मिला था.
रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है जिससे पूछताछ की जा रही है लेकिन इससे अधिक कोई जानकारी नहीं दी गई है.
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल के एक कॉन्स्टेबल को दो लोगों पर शक हुआ था जिन्होंने अपना चेहरा मफ़लर से ढँक रखा था, उनसे पूछताछ की गई थी लेकिन बुरी तरह झुलसने के कारण उस कॉन्स्टेबल की मौत हो गई.
इन दो लोगों में से एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है जबकि दूसरे व्यक्ति के बारे में अभी पता नहीं चल सका है.
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि इस हमले के बारे में ठोस सुराग़ मिले हैं लेकिन अभी उनके बारे में अधिक जानकारी देना ठीक नहीं होगा.
रविवार की रात को दिल्ली से अटारी जा रही समझौता एक्सप्रेस में दीवाना स्टेशन से चलने के बाद धमाके हुए और उसमें आग लग गई, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी वीएन माथुर ने बताया कि रेल रात के 11 बजकर 54 मिनट पर निकली थी और दो किलोमीटर चलने के बाद ही आग लगने के कारण उसे रोकना पड़ा.
मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे भी हैं.
भारत और पाकिस्तान ने कड़े शब्दों में इस घटना की निंदा की है.
इस बीच समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सुरक्षित बचे यात्रियों को लेकर वाघा सीमा पार करके लाहौर पहुँच गई है जहाँ कड़ी सुरक्षा के बीच बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
रेल जब लाहौर के मुख्य स्टेशन पर पहुँची तो वहाँ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, बीबीसी के लाहौर स्थित संवाददाता का कहना है कि वहाँ मौजूद लोग अपने रिश्तेदारों से मिलकर राहत महसूस कर रहे थे लेकिन दुखी भी थे.
इस मौक़े पर रेल मंत्री शेख़ रशीद अहमद भी स्टेशन पर मौजूद थे जिन्होंने घोषणा की कि मरने वालों के परिजनों को पाँच लाख रूपए का मुआवज़ा दिया जाएगा.
इस हमले में मारे गए ज़्यादातर लोग पाकिस्तानी नागरिक थे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ ने कहा है कि मारे गए लोगों में 60 पाकिस्तानी नागरिक हैं, हालाँकि पक्के तौर पर मारे गए लोगों की नागरिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है.
भारतीय अधिकारियों ने इतना तो कहा है कि इस ट्रेन में सवार ज़्यादातर यात्री पाकिस्तानी थे.
इसकी सबसे बड़ी वजह तो ये है कि लाशों की पहचान का काम बहुत मुश्किल है क्योंकि वे बुरी तरह से झुलसी हुई हैं, लाशों को शिनाख़्त के लिए पानीपत के सिविल अस्पताल में रखा गया है.
बुरी तरह से झुलसे हुए 12 लोगों को इलाज के लिए दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल के बर्न्स वार्ड में रखा गया है, डॉक्टरों ने बताया है कि इन सभी लोगों की हालत बहुत गंभीर है.
अस्पतालों, रेलवे स्टेशन और सरकारी दफ़्तरों में अपने रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए भटक रहे कई लोगों ने शिकायत की है कि उन्हें पूरी जानकारी और मदद नहीं मिल पा रही है.
इन 12 में से 11 लोग पाकिस्तानी नागरिक बताए गए हैं.
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कई धमाके हुए और पाँच विस्फोटकों को निष्क्रिय किया गया अगर उनमें धमाका हुआ होता तो स्थिति और भयावह हो सकती थी, बताया गया है कि हमले को और घातक बनाने के लिए किरासन तेल के पीपे भी रेल में रखे गए थे.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जबकि पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी मंगलवार को भारत पहुँच रहे हैं, उन्होंने बीबीसी से एक बातचीत में कहा कि इस हमले के समय से पता चलता है कि हमलावर किस तरह सोचते हैं.
पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया है और उन्होंने मृतकों की पहचान करने की कोशिश की है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि मृतकों और घायलों के परिजनों के भारत आने के लिए विशेष वीज़ा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसके लिए लाहौर में वीज़ा शिविर लगाया जा रहा है.
प्रवक्ता ने बताया कि हताहत लोगों के पासपोर्ट का विवरण भी पाकिस्तान सरकार को दिया गया है ताकि मृतकों की पहचान में आसानी हो सके.
(हताहतों से जुड़ी जानकारी के लिए कुछ हेल्प लाइन नंबर -
दिल्ली- 011-23342954, 011-23341072
अमृतसर- 0183-2564485, 0183-2223171
लुधियाना- 0161-2760006
जालंधर- 0181-2223504)