सोमवार, 19 फ़रवरी, 2007 को 12:15 GMT तक के समाचार
भारत मे सुप्रीम कोर्ट ने प्रियदर्शिनी मट्टू हत्याकांड मामले में संतोष कुमार सिंह को मिली मौत की सज़ा पर रोक लगा दी है.
पिछले वर्ष अक्तूबर में दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रियदर्शिनी मट्टू हत्याकांड में दोषी पाए गए संतोष कुमार सिंह को मौत की सज़ा सुनाई थी.
संतोष कुमार सिंह की अपील पर मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाले बेंच ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है.
संतोष कुमार सिंह ने उन्हें मौत की सज़ा दिए जाने के दिल्ली हाई कोर्ट के फ़ैसले को चुनौती दी है.
संतोष कुमार सिंह एक वकील है और भारतीय पुलिस सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी का पुत्र है.
प्रियदर्शिनी हत्याकांड मामले में संतोष कुमार सिंह को पहले 1999 में निचली अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था.
इसके बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस मामले में न्याय के लिए मीडिया के सहयोग से अभियान चलाया.
फिर छह साल बाद मामले की सुनवाई नए सिरे से दिल्ली उच्च न्यायालय में शुरु हुई और सप्ताह में तीन दिन सुनवाई के आदेश दिए गए.
इसके बाद कोर्ट में चले मुकदमे में दिल्ली हाई कोर्ट ने संतोष कुमार सिंह को दोषी पाते हुए मौत की सज़ा सुनाई थी.
प्रियदर्शिनी मट्टू की वर्ष 1996 में बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. उस समय प्रियदर्शिनी की उम्र 23 साल थी और वह कानून की पढ़ाई कर रही थीं.