सोमवार, 19 फ़रवरी, 2007 को 22:51 GMT तक के समाचार
भारत और पाकिस्तान ने कहा है कि रविवार की रात समझौता एक्सप्रेस पर हुए हमले से दोनों देशों के रिश्तों पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद क़सूरी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को दिल्ली पहुँच रहे हैं.
इस बीच लाहौर से चलने वाली समझौता एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर भारत के लिए रवाना हो चुकी है.
लाहौर से बीबीसी उर्दू सेवा के संवाददाता अदनान आदिल ने बताया कि पानीपत में हुई घटना के बावजूद पाकिस्तान से आ रहे यात्रियों में कोई भय नहीं है. इस ट्रेन में लगभग 1100 यात्री सवार हैं.
उल्लेखनीय है कि दोनों देशों को जोड़ने वाली समझौता एक्सप्रेस की दो बोगियों में रविवार की रात आग लग गई थी जिससे 66 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.
बाद में पता चला है कि आग लगाने के लिए बमों का प्रयोग किया गया था.
मरने वालों में ज़्यादातर लोग पाकिस्तानी थे.
आमतौर पर भारत या पाकिस्तान में ऐसे किसी हमले के लिए दोनों देश एक दूसरे को दोषी ठहराते रहे हैं. सीधे आरोप लगाए जाते हैं और फिर दूसरा पक्ष उसका नाराज़गी भरा जवाब देता है.
लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ.
हमले के लिए जो लक्ष्य चुना गया था और जो समय चुना गया था, उसने दोनों देशों को बाध्य किया कि वे मिलकर इसकी निंदा करें.
इससे पहले मुंबई की लोकल ट्रेनों में कई विस्फोट हुए थे और डेढ़ सौ लोग मारे गए थे, तो भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने तत्परता से पाकिस्तान के चरमपंथी संगठनों को दोषी ठहराया था.
उल्टा असर
लेकिन इस बार शिवराज पाटिल की प्रतिक्रिया बिल्कुल अलग थी.
उन्होंने कहा, " जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है वह अमन और शांति के ख़िलाफ़ और भारत की पड़ोसी देशों से बढ़ती दोस्ती में बाधाएँ पैदा करना चाहता है."
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ दोनों ने इस हमले की कड़ी निंदा की.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री क़सूरी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार भारत आ रहे हैं.
उन्होंने कहा, "विस्फोट के लिए जो समय चुना गया है वह हमला करने वालों की सोच को बताता है. लेकिन मैं शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली जा रहा हूँ."
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भारत और पाकिस्तान की सरकारों को हमलावरों को उनके उद्देश्य में सफल नहीं होने देना चाहिए."
और जो ताज़ा ख़बर है उसके अनुसार पाकिस्तान से चलने वाली समझौता एक्सप्रेस भी समय पर चल रही है. ख़बर है कि दिल्ली आने वाली ट्रेन लाहौर से रवाना हो चुकी है.
बीबीसी के दक्षिण एशिया संपादक संजय दासगुप्ता के अनुसार सोमवार की हिंसा का उद्देश्य भले ही शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारना रहा हो, इसका असर बिल्कुल विपरीत हुआ है और हो सकता है कि इसकी वजह से ही क़सूरी को भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से वार्ता अब अत्यावश्यक लग रही हो.