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शुक्रवार, 16 फ़रवरी, 2007 को 18:16 GMT तक के समाचार

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज़

केंद्र सरकार के उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के विकल्प पर विचार किए जाने की ख़बरों के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है.

समाचार एजेंसियों का कहना है कि कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार को सीपीएम महासचिव प्रकाश कारत से मुलाक़ात की और इस संबंध में चर्चा की.

ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के हाल में बहुजन समाज पार्टी से अलग हुए 13 विधायकों की सदस्यता समाप्त कर देने के फ़ैसले के बाद विपक्ष ने मुलायम सरकार पर हल्ला बोल दिया है.

विपक्ष मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के इस्तीफ़े और राज्य में राष्ट्रपति शासन की माँग कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद भाजपा, कांग्रेस और अजित सिंह की राष्ट्रीय लोक दल ने प्रदेश के राज्यपाल टीवी राजेश्वर से मुलाक़ात की और मुलायम सरकार को बर्ख़ास्त करने की माँग की.

दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने दावा किया है कि उनकी सरकार अल्पमत में नहीं है और वो अपना बहुमत साबित कर देंगे.

विशेष सत्र

मुख्यमंत्री ने 26 फरवरी को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है. माना जा रहा है कि इस सत्र में मुलायम बहुमत साबित करेंगे.

उल्लेखनीय है कि मुलायम ने 25 जनवरी को ही सदन में अपनी सरकार का बहुमत सिद्ध किया है.

यूपीए गठबंधन में सीपीएम ही एकमात्र पार्टी है जो मुलायम सरकार के साथ खड़ी नज़र आती है.

सीपीएम नेता नीलोत्पल बसु ने अपनी पार्टी का रुख़ स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार अल्पमत में है या बहुमत में है, इसका फ़ैसला विधानसभा में होना चाहिए.

दूसरी ओर कांग्रेसी नेता सलमान ख़ुर्शीद का मानना है कि मुलायम सरकार को बने रहने का हक़ नहीं है और लोग उससे मुक्ति चाहते हैं.

लेकिन समाजवादी पार्टी नेता शाहिद सिद्दीकी इस तर्क को ख़ारिज कर कहते हैं कि अल्पमत या बहुमत का फ़ैसला विधानसभा में होना चाहिए. उनका कहना था कि कांग्रेस पिछले दरवाजे से सत्ता में आना चाहती है.