शुक्रवार, 16 फ़रवरी, 2007 को 17:01 GMT तक के समाचार
नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र जब शिवरात्रि के अवसर पर काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे तो भीड़ ने उनके वाहन पर पत्थर बरसाए.
हालांकि नेपाल नरेश को इसमें कोई चोट नहीं आई. नेपाल नरेश को पारंपरिक रूप से भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है.
लेकिन अप्रैल, 2005 में सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद से वो विवादास्पद हो गए हैं.
अप्रैल, 2006 में राजा विरोधी आंदोलन चलाए जाने के बाद उन्हें सत्ता से हटना पड़ा था.
जब नरेश महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे तो लोगों ने राजा विरोधी नारे लगाए और उनके वाहनों पर पत्थर फेंके.
बीबीसी के सुरेंद्र फुयाल का कहना है कि जब तक ज्ञानेंद्र मंदिर में रहे तब तक लगभग एक घंटे स्थिति तनावपूर्ण रही.
पुलिस प्रमुख ने बीबीसी को बताया कि उन्हें भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा.
अप्रैल 2006 में राजा विरोधी आंदोलन के बाद उनके ख़िलाफ़ जनभावनाएँ हो गईं हैं.
यहाँ तक कि राजशाही के कट्टर विरोधी रहे माओवादी संसद का हिस्सा बन गए हैं और वे जल्द साझा सरकार के हिस्सेदार बननेवाले हैं.
दूसरी ओर नेपाली संसद राजशाही की भविष्य में भूमिका के बारे में शीघ्र फ़ैसला करनेवाली है.