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गुरुवार, 15 फ़रवरी, 2007 को 12:43 GMT तक के समाचार

पोलियो टीकाकरण 'अमरीकी साज़िश'

पाकिस्तान के सूबा सरहद में कुछ लोग अपने बच्चों को पोलियो का टीका नहीं दिलवा रहे हैं.

कारण ये कि इस प्रांत के धार्मिक कट्टरपंथी नेताओं ने कहा है कि ये अमरीका की साज़िश है और इस टीके के कारण वे बच्चे पैदा करने में अक्षम हो जाएँगे.

पाकिस्तान में काम कर रहे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है. अधिकारियों का कहना है कि वे धार्मिक नेताओं के साथ बातचीत करके इस अफ़वाह की हवा निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

पिछले साल पाकिस्तान में पोलियो के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है. कई देशों से पोलियो का पूरी तरह ख़ात्मा हो चुका है. लेकिन पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, भारत और नाइजीरिया में अभी भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं.

चालीस साल पहले पोलियो टीकाकरण का अभियान शुरू हुआ था. लेकिन अभी भी मुसलमानों में पोलियो के सबसे ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं.

भारत में भी मामले

पोलियो टीकाकरण के ख़िलाफ़ अभियान और अफ़वाह के कारण कई मुसलमान इस टीके से दूर भागते हैं. ऐसी अफ़वाह उड़ाई गई कि ये अमरीका की साज़िश है और इसका मक़सद मुसलमानों की आबादी को बढ़ने से रोकना है.

लेकिन ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान में ही इस तरह की अफ़वाहें हैं. कई वर्ष पहले नाइजीरिया में अफ़वाहों का बाज़ार ऐसे गर्म हुआ कि पूरे टीकाकरण अभियान को ही रोकना पड़ा.

भारत के दो उत्तरी राज्यों में पोलियो के सबसे ज़्यादा मामले हैं और यहाँ भी मुसलमान सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों का कहना है कि पोलियो के ख़ात्मे की दिशा में सूचना का अभाव और संदेह सबसे बड़ी समस्या नहीं है.

डब्लूएचओ का कहना है कि टीका न लगवाने वाले 10 बच्चों में से सिर्फ़ एक या दो ही इनकार करते हैं बाक़ी को टीका न लगने का कारण अन्य समस्याएँ हैं. जैसे- कभी-कभी दूर-दराज़ इलाक़े तक न पहुँच पाना और आबादी ज़्यादा होना.