http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 15 फ़रवरी, 2007 को 15:43 GMT तक के समाचार

मुंबई धमाके: दोषियों को मृत्युदंड की माँग

केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई ने वर्ष 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के मामले में दोषी ठहराए गए 44 लोगों को मौत की सज़ा देने की माँग की है.

इन लोगों को धमाके की साज़िश रचने और विस्फोटक रखने के मामले में दोषी पाया गया था. इनमें मुंबई धमाके की कथित साज़िश रचने वाले टाइगर मेमन के तीन भाई भी शामिल हैं.

सीबीआई के वकील एन नटराजन ने संसद पर हुए हमले के मामले में दिए गए फ़ैसले का हवाला दिया, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि 'आतंकवाद' के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए ऐसे मामलों में 'मौत की सज़ा' देनी चाहिए.

मुंबई धमाकों की जाँच कर रही विशेष आतंकवाद निरोधक अदालत ने कुल 100 लोगों को दोषी ठहराया है. इनमें से 47 लोगों को साज़िश रचने और धमाका करने का दोषी ठहराया गया है.

लेकिन सीबीआई ने टाइगर मेमन की रिश्तेदार रुबीना मेमन सहित तीन को आजीवन कारावास देने की माँग की.

माँग

सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बीबीसी को बताया कि तीन लोगों को कम सज़ा देने की मांग इसलिए की गई क्योंकि रुबीना मेमन महिला हैं और बाक़ी दो की तबीयत काफ़ी ख़राब है.

धमाकों के सिलसिले में दोषी ठहराए गए अन्य 44 लोगों में से दो को छोड़कर सभी को आजीवन कारावास देने की मांग की गई. शेष नौ लोगों के लिए अभियोजन पक्ष ने तीन से 10 साल तक की सज़ा की मांग की.

इन नौ लोगों में बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त भी शामिल हैं, जिन्हें आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया है.

सरकारी पक्ष की दलील के ख़िलाफ़ बचाव पक्ष के वकील 23 फरवरी को अपना पक्ष रखेंगे.

इसके बाद ही जज सज़ा सुनाए जाने की तारीख़ की घोषणा करेंगे. 12 मार्च 1993 को मुंबई में एक के बाद एक कई धमाके हुए थे, जिनमें 250 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और कम से कम 1000 लोग घायल हो गए थे.

13 साल तक चले मुक़दमे के बाद पिछले साल सितंबर से अदालत ने अपना फ़ैसला सुनाना शुरू किया था जो दिसंबर में पूरा हुआ. अब सज़ा सुनाया जाना बाक़ी है.