बुधवार, 14 फ़रवरी, 2007 को 21:55 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि पिछले छह महीनों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान की हिंसा में कमी आई है.
लंदन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने तालेबान लड़ाकों पर अंकुश लगाना शुरू कर दिया है. ये तालेबान लड़ाके पाकिस्तान की सीमा पार कर अफ़ग़ानिस्तान में हमले करते थे.
राष्ट्रपति करज़ई से मुलाक़ात के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा कि तालेबान के ख़िलाफ़ अभियान खुद पाकिस्तान के हित में है.
टोनी ब्लेयर और हामिद करज़ई की मुलाक़ात के ठीक पहले एक स्वतंत्र संगठन की रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा गया है कि तालेबान अफ़ग़ानिस्तान पर एक बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं.
इसके पहले अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और नैटो सुरक्षा बल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की आलोचना करते आए हैं और उन्होंने पाकिस्तान अनुरोध भी किया है कि वह सीमापार से घुसपैठ पर लगाम लगाने के क़दम उठाए.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की इसलिए भी आलोचना हो रही है क्योंकि उन्होंने उत्तरी और दक्षिणी वज़ीरिस्तान में क़बायली नेताओं के साथ समझौते किए हैं.
आलोचकों का कहना है कि इससे इन इलाक़ो में तालेबान को पूरी आज़ादी मिल गई है. हालांकि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ इन आरोपों का खंडन करते हुए करते हैं.
पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच की सीमा लगभग सवा दो हज़ार किलोमीटर लंबी है और पहाड़ी इलाक़ा होने के कारण वहाँ गश्त लगाना काफ़ी मुश्किल है.