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बुधवार, 14 फ़रवरी, 2007 को 11:48 GMT तक के समाचार

बसपा के 13 विधायकों की सदस्यता रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने बहुजन समाज पार्टी के उन 13 विधायकों को अयोग्य करार दिया है जिनके समर्थन पर 2003 में मुलायम सिंह सरकार का गठन हुआ था.

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने सिर्फ उन्हीं 13 विधायकों की सदस्यता ख़ारिज की है जो राज्यपाल से मिलने गए थे.

न्यायालय ने बाकी 24 विधायकों की सदस्यता के बारे में कुछ भी नहीं कहा है.

माना जा रहा है कि इस बारे में अब विधानसभा स्पीकर कोई फ़ैसला करेंगे.

इन 13 विधायकों ने 24 अन्य विधायकों ( कुल 37 विधायक) के साथ मिलकर लोकतांत्रिक बहुजन समाज पार्टी का गठन किया था जिसका बाद में समाजवादी पार्टी में विलय हो गया.

यूपी विधानसभा में लोकतांत्रिक बहुजन समाज पार्टी को अलग गुट के रुप में तत्कालीन स्पीकर केसरी नाथ त्रिपाठी ने मान्यता दे दी थी.

उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने त्रिपाठी के फ़ैसले को रद्द कर दिया था और फिर से स्पीकर को इस मुद्दे पर एक बार फिर फ़ैसला करने को कहा था.

इस दौरान 13 में से पांच विधायक वापस बसपा में चले गए लेकिन तत्कालीन स्पीकर माता पांडे ने इनकी सदस्यता ख़ारिज कर दी.

इन्हीं पांच विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ दायर याचिका पर 13 जनवरी को फ़ैसला सुरक्षित रखा था और बाद में इन पांच विधायकों की याचिका पर भी सुनवाई की.

इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगाते हुए कहा था कि फिलहाल बसपा से अलग हुए विधायकों को विधानसभा में अलग गुट के रुप में मान्यता बरकरार रखी जाए.

सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार अपना कार्यकाल लगभग पूरा कर चुकी है और राज्य में अगले महीने चुनाव होने वाले हैं.