शनिवार, 10 फ़रवरी, 2007 को 17:53 GMT तक के समाचार
पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान अंतिम चरण में है. इस बीच मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा है.
पंजाब में 13 फरवरी को होने वाले मतदान के लए रविवार को चुनाव प्रचार का आख़िरी दिन है.
इस बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी किया गया है.
समाचार एजेंसियों के मुताबिक चुनाव प्रचार के दौरान कुछ घोषणाएँ करने के कारण उन्हें नोटिस दिया गया है.
उन्हें रविवार को 11 बज़े तक नोटिस का जवाब देने को कहा गया है.
प्रचार
इस बीच पंजाब में सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं.
शनिवार को बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा की नेता मायावती ने होशियारपुर में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया.
उन्होंने कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी-शिरोमणि अकाली दल गठबंध पर जाति की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी उच्च जातियों के ख़िलाफ़ नहीं है.
विधानसभा की 117 सीटों के लिए एक करोड़ 60 लाख से ज़्यादा मतदाता 13 फरवरी को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. मतगणना 27 फरवरी को होगी.
राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का मुकाबला शिरोमणि अकाली दल- भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन से है.
अकाली दल- भाजपा गठबंधन का नेतृत्व कर रहे प्रकाश सिंह बादल समेत अनेक नेताओं ने अपने चुनाव प्रचार में विकास, रोज़गार के अवसर, महंगाई, ग़रीब वर्ग, कृषि और उद्योग जगत के लिए अधिक सुविधाओं की बात की है.
उधर कांग्रेस पार्टी जहाँ राज्य में विकास का दावा कर रही है और अपनी उपलब्धियाँ गिना रही है, वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पंजाब में सुरक्षा की बात उठाई है और डेढ़ दशक पहले राज्य में चली चरमपंथी लहर और उस दौरान रहे माहौल की याद दिलाई