गुरुवार, 08 फ़रवरी, 2007 को 19:19 GMT तक के समाचार
सलमान रावी
बीबीसी संवाददाता, राँची
झारखंड में फॉरवर्ड ब्लॉक ने राज्य सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. इसी बीच पार्टी के एक विधायक को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है.
इस फ़ैसले से पहले झारखंड में विधानसभा अध्यक्ष को छोड़ कर 81 सदस्यीय विधानसभा में मधु कोड़ा की अगुआई वाली सरकार को 43 विधायकों का समर्थन प्राप्त था.
लेकिन विधानसभा में दो सदस्यीय फॉरवर्ड ब्लॉक के समर्थन वापस ले लेने के बाद कोड़ा सरकार तलवार की धार पर टिक गई है और उसे बहुमत के लिए न्यूनतम 41 विधायकों का समर्थन रह गया है.
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि शुक्रवार को राज्यपाल इस मामले पर ग़ौर कर सकते हैं.
इस बीच राज्य सराकर ने नया दाँव खेलते हुए गुरुवार को ही फॉरवर्ड ब्लॉक के एक विधायक भानुप्रताप देहाती को मंत्री पद की शपथ दिला दी.
फॉरवर्ड ब्लॉक के महासचिव देवव्रत विश्वास ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी पार्टी ने राज्य सरकार से समर्थन वापस ले लिया है.
विपक्ष में दरार
मधु कोड़ा ख़ुद निर्दलीय विधायक हैं. उन्होंने पिछले साल सितंबर में भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा की अगुआई वाली एनडीए सरकार से तीन और निर्दलीय विधायकों के साथ समर्थन वापस ले लिया था.
इसके बाद निर्दलीय विधायकों के इस गुट ने झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाई थी.
इस बीच विपक्षी पार्टी भाजपा के नेता पीएन सिंह ने फॉरवर्ड ब्लॉक के समर्थन वापस लेने को वामपंथी दलों का राजनीतिक स्टंट करार दिया है.
दरअसल भाजपा अभी आंतरिक कलह से जूझ रही है. इसलिए मौजूदा हालात में विपक्षी दल अगर एकजुट भी हो जाएँ तो वैकल्पिक सरकार के लायक बहुमत जुटाना उनके बस की बात नहीं है.
भाजपा के 30 विधायक हैं लेकिन बाग़ी नेता बाबूलाल मरांडी का समर्थन करने के आरोप में पाँच विधायकों को निलंबित किया जा चुका है.