गुरुवार, 08 फ़रवरी, 2007 को 14:51 GMT तक के समाचार
भूटान ने भारत से कहा है कि वह भूटान के दक्षिणी इलाक़े में सीमावर्ती क्षेत्रों में और ज़्यादा सुरक्षा मुहैया कराए, यह इलाक़ा भारतीय राज्य असम के दूसरी तरफ़ भूटानी सीमा में पड़ता है.
भूटान के नए नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने भारत का पहला आधिकारिक दौरा किया है और गुरूवार को भारत के गृह मंत्री शिवराज पाटिल के साथ मुलाक़ात की.
भूटान नरेश के साथ यात्रा कर रहे अधिकारियों ने बताया कि भूटान सरकार असम इलाक़े में बढ़ रही अलगाववादी गतिविधियों को लेकर बहुत चिंतित है.
असम में अधिकारियों का दावा है कि पृथकतावादी संगठन अल्फ़ा ने पिछले क़रीब चार महीनों में 100 से ज़्यादा लोगों को मार दिया जिनमें ज़्यादातर हिंदी भाषी मज़दूर थे.
भूटान नरेश के साथ यात्रा करने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "अल्फ़ा फिर से सक्रिय हो गया है और हम इसलिए चिंतित हैं कि अल्फ़ा के लोग असम की तरफ़ जाने वाले हमारे वाहनों और व्यापारियों पर हमले कर सकते हैं."
भूटान सरकार ने दिसंबर 2003 में अपने दक्षिणी इलाक़े में अल्फ़ा के चरमपंथियों के ख़िलाफ़ एक बड़ा अभियान चलाया था जिसमें उन्हें उस इलाक़े से बाहर निकाल दिया था और उनके अनेक ठिकानों को तहस-नहस कर दिया था.
उसके बाद भूटान में अनेक बम धमाके हुए जिनके लिए अल्फ़ा को ज़िम्मेदार ठहराया गया. अल्फ़ा ने असम की तरफ़ जाने वाले भूटानी वाहनों पर भी हमला करने की धमकियाँ दी थीं.
भूटानी अधिकारी का कहना था कि 2003 के उस अभियान के बाद अल्फ़ा की ताक़त काफ़ी कमज़ोर हो गई थी लेकिन "ऐसा लगता है कि अल्फ़ा फिर से एकजुट हो रहा है और हमले कर रहा है इसलिए हम चिंतित हैं और भारत सरकार से हम कह रहे हैं कि वह हमारे दक्षिणी सीमावर्ती इलाक़ों में ज़्यादा सुरक्षा मुहैया कराए."
युवा भूटानी नरेश ने सुरक्षा संबंधी चिंताएँ भारतीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल से गुरूवार को दिल्ली में मुलाक़ात के दौरान ज़ाहिर कीं.
भारतीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने भूटानी नरेश को भरोसा दिलाया कि भारत असम-भूटान सीमा पर स्पेशल सर्विसेज़ ब्यूरो (एसएसबी) पाँच अतिरिक्त बटालियनें तैनात कर रहा है. (एक बटालियन में औसतन एक हज़ार सैनिक होते हैं.)
असम-भूटान सीमा पर एइऑन पाँच अतिरिक्त बटालियनों की तैनाती के बाद वहाँ तैनात कुल बटालियनों की संख्या 12 हो जाएगी.
एसएसबी ने असम-भूटान सीमा पर 132 सीमाचौकियाँ स्थापित की हैं ताकि अल्फ़ा के चरमपंथियों को असम की तरफ़ से भूटानी सीमा में जाने से रोका जा सके.