सोमवार, 05 फ़रवरी, 2007 को 10:38 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता
असम के अलगाववादी संगठन अल्फ़ा ने घोषणा की है कि वह राष्ट्रीय खेलों का विरोध नहीं करेगा. ये खेल असम में 9 से 18 फ़रवरी तक आयोजित किए जाने हैं.
अल्फ़ा प्रमुख अरबिंद राजखोवा की ओर से मीडिया को भेजे बयान में कहा गया है कि असम के अनेक प्रमुख खिलाड़ियों ने अल्फ़ा से राष्ट्रीय खेलों के बहिष्कार को वापस लेने का अनुरोध किया था.
असम के खिलाड़ियों ने 21 जनवरी को गुवाहाटी में एक रैली भी निकाली थी.
अपने बयान में राजखोवा ने कहा,'' हम असम का प्रतिनिधित्व करनेवाले खिलाड़ियों का आदर करते हैं और जानते हैं कि उनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है. इसलिए हम राष्ट्रीय खेलों के बहिष्कार को वापस लेते हैं.''
लेकिन साथ ही अल्फ़ा प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि ''औपनिवेशिक भारत सरकार'' के किसी भी अन्य कार्यक्रम को नहीं होने दिया जाएगा.
इसके पहले रविवार को गुवाहाटी में एक कार बम धमाका हुआ था जिससे इस बात की आशंका बढ़ गई थी कि अल्फ़ा राष्ट्रीय खेलों में बाधा डाल सकता है.
कुछ दिनों पहले अल्फ़ा विद्रोहियों ने 70 हिंदी भाषी लोगों की हत्या कर दी थी. इसके बाद भारतीय सेना ने अल्फ़ा के ख़िलाफ़ अभियान शुरु कर दिया था.
पिछले साल सितंबर में अल्फ़ा और केंद्र सरकार के बीच वार्ता टूट जाने के बाद से ही अलगाववादी लोगों को निशाना बना रहे हैं.
प्रेक्षकों का मानना है कि केंद्र सरकार पर दबाव बनाने और सैन्य अभियान रुकवाने के मकसद से अल्फ़ा ने हाल में हिंसक गतिविधियाँ तेज़ कर दी हैं.