शनिवार, 03 फ़रवरी, 2007 को 19:03 GMT तक के समाचार
राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के ख़िलाफ़ कुछ मंत्रियों की गोलबंदी तेज़ होती दिख रही है.
इस बीच मुख्यमंत्री के क़रीबी माने जाने वाले नेता शनिवार को इस बात से इनकार करते रहे कि गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया समेत राज्य सरकार के चार मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
इस तरह की ख़बरें मिल रही थी चारों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह को अपना इस्तीफ़ा भेजा है.
राजस्थान में भाजपा सरकार की अगुआई कर रहीं वसुंधरा राजे सिंधिया को विधानसभा में स्पष्ट बहुमत प्राप्त है लेकिन पिछले कुछ महीनों में राज्य के कई मंत्रियों ने उनके ख़िलाफ़ नाराज़गी जताई है.
राजनीतिक हलचल
चार मंत्रियों के इस्तीफ़े की ख़बर फैलते ही भाजपा में अंदरूनी गतिविधियाँ तेज़ हो गई.
भाजपा नेताओं की बैठक के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री घनश्याम तिवारी ने पत्रकारों को बताया कि इस्तीफ़े की ख़बर महज अफवाह है.
उन्होंने कहा, "अग़र किसी नेता को कोई आपत्ति है तो उचित मंच पर चर्चा की जाएगा. फिलहाल किसी मंत्री ने इस्तीफ़ा नहीं दिया है."
ग़ौरतलब है कि हाल ही में कोटा में हुई भाजपा की बैठक में छह मंत्रियों ने हिस्सा नहीं लिया था. उसके बाद मुख्यमंत्री ने मदन दिलावर से सहकारिता विभाग वापस ले लिया था.
दिलावर कैबिनेट की बैठकों में हिस्सा नहीं ले रहे थे. हालाँकि इसके पीछे वो कोई और कारण बताते हैं. उन्होंने बीबीसी से कहा, "मेरी माँ अस्पताल में है. दुनिया में चाहे कितनी भी बड़ी मीटिंग हो वो माँ-बाप से ज़्यादा महत्वपूर्ण नहीं हो सकता."