शनिवार, 03 फ़रवरी, 2007 को 09:29 GMT तक के समाचार
श्याम सुंदर
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
दिल्ली के नज़दीक नोएडा के निठारी गाँव में बच्चों के अपहरण और हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के दो और पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है.
राज्य वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि नोएडा से हाल में स्थानांतरित किए गए क्षेत्राधिकारी दिनेश यादव को निलंबित कर दिया गया है और नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरकेएस राठौर को स्थानांतरित कर दिया गया है.
उत्तर प्रदेश के गृह सचिव आरएम श्रीवास्तव का कहना था कि एसएसपी राठौर का तबादला सामान्य प्रशासनिक क़दम है.
हालांकि इसके संकेत समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने एक पत्रकारवार्ता में दिए थे. उन्होंने निठारी मामले को तूल देने के लिए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया.
इसके पहले सीबीआई ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस की जाँच पर उंगली उठाई थी.
माना जा रहा है कि 29 दिसंबर को इस हत्याकाँड का राज़ खुलने के बाद लगभग 15 दिन तक जाँच करने वाली पुलिस ने असल मे सबूतों को नुक़सान पहुँचाने या फिर नष्ट करने का ही काम किया.
ग़ौरतलब है कि सीबीआई को निठारी में सोमवार तक की जाँच में मानव अवशेषों से भरे 40 पैकेट मिले थे. ये अवशेष राज्य पुलिस की जाँच के दौरान बरामद किए गए अवशेषों के अलावा हैं.
इस मामले की जाँच सीबीआई के हाथ में जाने के बाद जो सबूत मिले हैं उनसे लग रहा है कि इस नृशंस हत्याकांड मे मारे जाने वालों की संख्या शायद उससे कहीं ज़्यादा है जितनी उत्तर प्रदेश पुलिस मान कर चल रही थी.
पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि दिल्ली से सटे नोएडा के निठारी गाँव में एक घर के पीछे नाले से 17 बच्चों के कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई थी.
इसकी वजह यह है कि स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले दो वर्षों में कम से कम 40 बच्चे लापता हो चुके हैं.
पुलिस का कहना है कि हत्या से पहले सभी का यौन शोषण किया गया था.
नोएडा पुलिस मामले के मुख्य अभियुक्तों मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरेंद्र सिंह को गिरफ़्तार कर लिया था और अब सीबीआई मामले की जांच कर रही है.
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगाया है.
इस मामले के सामने आने के बाद से अब तक सात पुलिसकर्मियों और चार पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा चुकी है.