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शुक्रवार, 02 फ़रवरी, 2007 को 14:07 GMT तक के समाचार

ज़ुबैर अहमद
बीबीसी संवाददाता, मुंबई

बीएमसी चुनावों के परिणाम

मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) की 227 सीटों के लिए हुए चुनाव में शिव सेना और भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन जीत की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है.

इन सीटों के लिए गुरूवार को मतदान हुआ था और शुक्रवार सुबह मतगणना शुरू हुई जिसमें शिव सेना और भाजपा गठबंधन बढ़त लिए हुए था.

महाराष्ट्र के कुछ अन्य शहरों में स्थानीय निकाय के चुनाव में शिव सेना और भाजपा गठबंधन को काफ़ी नुक़सान नज़र आ रहा है.

भारतीय समय के अनुसार शाम पाँच बजे तक मिले नतीजों के अनुसार शिव सेना और भाजपा गठबंधन ने कुल 227 में 112 सीटें जीत ली थीं.

कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने भी हालाँकि इस चुनाव में अपना प्रदर्शन सुधारा है. ग़ौरतलब है कि ये दोनों पार्टी महाराष्ट्र में मिली-जुली सरकार चला रही हैं.

हालाँकि इन दोनों पार्टियों ने स्थानीय निकाय के चुनाव अलग-अलग लड़े थे.

दोनों पार्टियों के नेताओं ने स्वुकार किया है कि अगर एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाता तो शिव सेना और भाजपा गठबंधन को मात दी जा सकती थी.

पास के पुणे शहर में एनसीपी 42 सीटों पर जीत हासिल करने के साथ ही सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है. शिव सेना-भाजपा गठबंधन को पुणे में कुल 45 सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस को 35 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

मुंबई महानगर पालिका का बजट भारत के किसी भी नगर निगम से अधिक है और शायद तभी इन चुनावों पर सबकी नज़र रहती है.

इस बार के निकाय चुनावों में कई राजनीतिक समीकरण बदले हुए हैं और इस कारण कुछ भी स्पष्ट तौर पर कह पाना मुश्किल ही है कि किस पार्टी या गठबंधन को बीएमसी में बहुमत मिल सकेगा.

राज्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार है पर पिछले महीने ही दो प्रमुख राजनीतिक दलों ने घोषणा की थी कि वे अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे क्योंकि दोनों दलों के बीच सीटों के बँटवारे पर सहमति नहीं बन सकी.

ध्यान देने वाली बात ये है कि राज ठाकरे के शिवसेना से अलग होने के बाद से राज्य में यह पहला चुनाव है और राज ठाकरे के पार्टी छोड़ने का नुक़सान शिवसेना को उठाना पड़ सकता है.

जानकारों का मानना है कि इस बार के चुनावों में किसी को भी स्पष्ट जनादेश मिलने की संभावना कम ही है.