लखनऊ से 300 किलोमीटर दूर मऊ के पास एक स्टेशन पर कुछ उपद्रवियों ने ट्रेन की दो बोगियों में आग लगा दी. किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.
आग गोदान एक्सप्रेस में लगाई गई है.
इस घटना को भी गोरखपुर और आसपास के ज़िलों में पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है.
उधर शाम को सिद्धार्थनगर ज़िले के नवगढ़ क़स्बे में एक खाली बोगी को जला दिया गया.
लेकिन गोरखपुर और आसपास के इलाक़े में गुरुवार को शांति रही लेकिन तनाव का माहौल है.
उल्लेखनीय है भारतीय जनता पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ को गिरफ़्तार करने के बाद से उनके समर्थकों ने गोरखपुर और आसपास के ज़िलों में हिंसक घटनाएँ की हैं और सोमवार से वहाँ कर्फ़्य़ू लगा दिया गया है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार जब ट्रेन मोहम्मदाबाद स्टेशन पर रुकी तो कुछ उपद्रवियों ने दो बोगियों पर आग लगा दी.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार एस-2 और एस-3 बोगियों में आग लगाई गई लेकिन सभी यात्री बाहर निकलने में सफल रहे, हालांकि कुछ यात्रियों को मामूली चोट आई है.
आग लगने के बाद इन बोगियों को ट्रेन से अलग कर दिया गया है और अग्निशमन दस्ता वहाँ पहुँच गया था.
आग लगाने वाले लोगों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.
केंद्रीय बल की तैनाती
उधर केंद्रीय गृहराज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि केन्द्र सरकार हिंसा से प्रभावित गोरखपुर ज़िले में बिगड़े हालातों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बल भेजेगा.
जायसवाल के नेतृत्व में केन्द्र सरकार का पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को गोरखपुर और आसपास के ज़िलों में फैली हिंसा का जायज़ा लेने वहाँ पहुँचा था.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जितना भी सुरक्षा बल माँगेगी, केन्द्र उसे मुहैया कराएगा.
जायसवाल ने कहा, "हालाँकि क़ानून-व्यवस्था राज्य सरकार का मामला है, लेकिन हिंसा का दौर लंबा चले तो केन्द्र हाथ पर हाथ धरे बैठा नहीं रह सकता."
दूसरी ओर गोरखपुर में अब भी तनाव का माहौल है, हालाँकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है.
शहर में सोमवार की शाम से क़र्फ्यू में ढ़ील नहीं दी गई है. सुरक्षा बलों ने कर्फ़्यूग्रस्त क्षेत्रों में गुरुवार को फिर फ्लैग मार्च किया.
गोरखपुर और आसपास के ज़िलों में हुई हिंसक घटनाओं के बारे में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से रिपोर्ट माँगी है.