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गुरुवार, 01 फ़रवरी, 2007 को 14:01 GMT तक के समाचार

'जंबो कैबिनेट’ के लिए जगह नहीं

श्रीलंका की मंत्रिमंडल को अपनी पहली बैठक टालनी पड़ी है क्योंकि मंत्रिमंडल के 53 सदस्यों के एक साथ बैठने के लिए कोई बड़ी जगह नहीं मिल रही थी.

आधिकारियों के अनुसार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बैठक को टालना पङा.

हालांकि प्रेस रिपोर्टों के अनुसार भारी-भरकम मंत्रिमंडल को बैठाने के लिए देश में इतना बड़ा कमरा उपलब्ध नहीं है.

श्रीलंका का मंत्रिमंडल दुनिया के बड़े मंत्रिमंडलों में से एक है.

भारी-भरकम खर्च

श्रीलंका के अख़बार डेली मिरर ने कहा कि इतने बड़े मंत्रिमंडल के लिए बैठने की जगह उपलब्ध नहीं होने की वजह से ही मंत्रिमंडल की प्रस्तावित बैठक को अनिश्चितकाल के लिए टालना पङा.

इस बीच, राष्ट्रीय सिंहला हेरिटेज पार्टी ने भी सरकार में शामिल होने की घोषणा की.

रविवार को जब राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे ने मंत्रिमंडल के साथ शपथ ग्रहण किया तो उनके साथ 33 कैबिनेट और 19 उपमंत्रियों ने शपथ ली.

संवाददाताओं के अनुसार श्रीलंका के इतिहास में यह सबसे बड़ा मंत्रिमंडल था.

उधर हेरिटेज पार्टी ने कहा कि उसने एक आम आदमी को कैबिनेट मंत्री के लिए नामांकित करने का फैसला किया है जिससे मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या बढकर 54 हो जाएगी.

स्थानीय मीडिया में कृषि मंत्री ने कहा है कि इतना बङा मंत्रिमंडल सरकार के लिए खर्चीला साबित होगा.

उन्होंने कहा, ‘ इस सच से इनकार नहीं किया जा सकता है कि इतने बङे मंत्रिमंडल का अर्थव्यवस्था पर बोझ पङेगा.’

श्रीलंका की आबादी 1.95 करोड़ है और 52 मंत्री हैं. ब्रिटेन की आबादी छह करोड़ है जबकि वहां सिर्फ 23 सदस्यों का मंत्रिमंडल है और अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश की कैबिनेट में मात्र 21 मंत्री हैं.

सरकार के पूर्व सहयोगी पार्टी, वामपंथी जेवीपी और पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ने ‘जंबो कैबिनेट’ के लिए सरकार की आलोचना की है.

इन पार्टियों का मानना है कि सरकार की इस कदम से श्रीलंका दुनिया में हंसी का पात्र बन जाएगा.