गुरुवार, 01 फ़रवरी, 2007 को 09:13 GMT तक के समाचार
दिल्ली उच्च न्यायालय ने जेसिका लाल हत्याकांड मामले में बयान से पलटे तीन गवाहों के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किया है.
इनके अलावा अदालत में हाजिर हुए उन 26 गवाहों से भी जवाब तलब किया गया है जो अपने बयान से मुकर गए थे.
न्यायाधीश आरएस सोढी और न्यायमूर्ति पीके भसीन की खंडपीठ ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए वरुण शाह, मुकेश सैनी और नारायण सिंह के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किए. ये तीनों अदालत में उपस्थित नहीं हुए.
उपस्थित होने वाले 26 गवाहों को नोटिस देते हुए अदालत ने पूछा है कि उनके ख़िलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए.
पिछले वर्ष दिसंबर महीने में अदालत ने कई प्रत्यक्षदर्शियों को 'न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने' का दोषी करार दिया था.
अदालत ने गुरुवार को इन सभी को नोटिस जारी करते हुए दो हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा है और साथ ही पुलिस और अदालत में दिए बयानों की प्रति भी जमा करने के निर्देश दिए हैं.
दिसंबर में अदालत ने इस मामले के प्रमुख अभियुक्त मनु शर्मा को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.
मनु शर्मा हरियाणा कांग्रेस के एक जाने-माने वरिष्ठ नेता के पुत्र हैं.
जेसिका लाल को 1999 में कुतुब कोलोनेड नामक रेस्तरां में गोली मार दी गई थी जहाँ वो काम करती थीं.
अभियोजन पक्ष के अनुसार मनु शर्मा ने जेसिका लाल को उस समय गोली मारी जब जेसिका ने उन्हें शराब देने से इंकार कर दिया था.
अदालत ने बयान से मुकरने वाले 32 गवाहों को गुरुवार को अदालत में पेश होने का आदेश दिया था जिनमें से 26 गवाह अदालत पहुंचे थे. तीन गवाहों की मौत हो चुकी है.
मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी तय की गई है.