गुरुवार, 01 फ़रवरी, 2007 को 12:36 GMT तक के समाचार
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में संदिग्ध अलगाववादियों ने सत्तारूढ पार्टी कांग्रेस के एक नेता की हत्या कर दी.
इसके अलावा मध्य असम में बुधवार की रात एक हमले में पाँच हिंदीभाषी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
पुलिस ने बताया कि गोलघाट ज़िले में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम यानी अल्फ़ा के संदिग्ध विद्रोही गुरुवार सुबह कांग्रेस नेता बशर के घर में ज़बरदस्ती घुस गए और उन्हें गोली मार दी.
गंभीर रूप से घायल बशर को कोसारीबाम क्षेत्र के अस्पताल में ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.
क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अल्फ़ा के हमलों से पार्टी कार्यकर्ता डरे हुए हैं.
कांग्रेस पर निशाना
अल्फ़ा अपने ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई के जवाब में कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहा है.
अल्फ़ा के हमलों में अब तक चार काँग्रेसी कार्यकर्ताओं की मौत हुई है.
अल्फ़ा ने धमकी दी थी कि, "भारतीय सेना के अभियान में मारे जाने वाले हर अल्फ़ा विद्रोही का बदला वह काँग्रेस कार्यकर्ता को मारकर लेगा."
राज्य में हिंसा की एक और वारदात में लगभग धारदार हथियारों से लैस 25 लोगों ने खागराबिल गाँव में तीन महिलाओं समेत पाँच हिंदी भाषी लोगों पर हमला बोल कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया.
हमले के कारणों का अभी पता नहीं चला है.
धमकी
इस बीच, अल्फ़ा ने क्षेत्र के प्रमुख टेलीविजन चैनल नॉर्थ ईस्ट टेलीविजन यानी एनईटीवी को एक माह के भीतर हाल ही में दिखाई गई अपनी ख़बर को साबित करने को कहा है और ऐसा न करने की स्थिति में असम में प्रसारण बंद करने की धमकी दी है.
चैनल ने अपनी ख़बर में कहा था कि अल्फ़ा ने राष्ट्रीय खेलों के दौरान हिंसा नहीं करने के बदले राज्य सरकार से 15 करोड़ रूपए लिए हैं.
राष्ट्रीय खेल गुवाहाटी में नौ से 18 फरवरी तक प्रस्तावित हैं.
अल्फ़ा के प्रवक्ता रूबी भूइयाँ ने चैनल की इस ख़बर को 'आधारहीन' बताया और कहा कि अगर चैनल इस ख़बर को सही साबित न कर पाया तो उसे गंभीर नतीज़े भुगतने होंगे.
एनईटीवी का मालिकाना हक़ पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मतंग सिंह और उनकी पत्नी मनोरंजना के पास है.
वे मूलरूप से बिहार से हैं, लेकिन लंबे अरसे से असम में रह रहे हैं.