मंगलवार, 30 जनवरी, 2007 को 04:16 GMT तक के समाचार
हिंसा का दायरा बढ़ने के बाद गोरखपुर से सटे कुशीनगर के ज़िला मुख्यालय पटरौना में भी कर्फ़्यू लगा दिया गया है. गोरखपुर में मोहर्रम का ताज़िया भी नहीं निकाला गया.
गोरखपुर में कर्फ़्यू में जारी है. मंगलवार को फिर हिंसा भड़कने के बाद कर्फ़्यू में ढील देने के फ़ैसले को वापस ले लिया गया.
स्थिति की संवेदनशील होने के कारण शहर में मोहर्रम का ताज़िया भी नहीं निकाला गया.
इस बीच स्थानीय पत्रकार कुमार हर्ष ने बीबीसी को बताया कि गोरखपुर से सटे कुशीनगर ज़िला मुख्यालय पटरौना में भी कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
यह फ़ैसला ताज़िया निकालने के दौरान कुछ जगहों पर हिंसा होने की ख़बरों के बाद लिया गया है.
इससे पहले गोरखपुर में उग्र भीड़ ने रुस्तनपुर ढाला के पास विरोध प्रदर्शन किया और पत्थरबाजी भी की जिसके बाद कर्फ़्यू जारी रखने का फ़ैसला लिया गया.
इस बीच मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठ लोगों के साथ बैठक के बाद ज़िले के पुलिस प्रमुख एसके भगत ने पत्रकारों को बताया कि तनाव को देखते हुए पारंपरिक ताज़िया नहीं निकाला जाएगा.
उन्होंने कहा कि धार्मिक नेता भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस नज़रिए से सहमत हैं.
गिरफ़्तारी
गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ की गिरफ़्तारी से भड़की हिंसा के बाद शहर में सोमवार को कर्फ़्यू लगा दिया गया था.
प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में आग लगा दी और इसके बाद एक ट्रेन में भी आग लगाने की कोशिश की थी.
राज्य सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गोरखपुर के ज़िलाधीश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को हटा दिया है.
विशेष सचिव (गृह) राकेश गोयल को नया ज़िलाधीश बनाया गया है जबकि एसएसपी का कार्यभार एसपी ( एसटीएफ) एस के भगत संभाल रहे हैं.
बंद और प्रदर्शनों के कारण सड़कों पर वाहनों का आवागमन ठप है और शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद हैं.
गोरखपुर में पिछले हफ्ते शनिवार को उस समय हिंसा शुरु हुई जब मुहर्रम के एक जुलूस पर किसी ने पथराव किया. इसके बाद हुई हिंसा में एक व्यक्ति मारा गया.