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सोमवार, 29 जनवरी, 2007 को 13:41 GMT तक के समाचार

टैंकरों की हड़ताल से तेल की किल्लत

पश्चिम बंगाल में तेल टैंकरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पाँचवें दिन भी जारी रहने से राज्य में डीज़ल और पेट्रोल की किल्लत हो गई है.

राज्य के कई पेट्रोल पंपों में पुराना स्टॉक ख़त्म हो गया है. सार्वजनिक वाहन ईंधन के अभाव में सड़कों से हट रहे हैं.

तेल टैंकर मालिकों की एसोसिएशन ने हड़ताल जारी रखने का फ़ैसला किया है. हडताल करने वाले सरकारी तेल कंपनियों से तेल ढुलाई का किराया बढ़ाने की माँग कर रहे हैं.

सोमवार को राज्य सरकार, तेल कंपनियों और तेल ट्रांसपोर्टरों के बीच त्रिपक्षीय बातचीत विफल हो गई.

अभी एक हज़ार लीटर पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन पर 110 रुपए दिया जाता है जिसे बढ़ा कर 180 रूपए करने की माँग की जा रही है.

राज्य सरकार ने मध्यस्थता करते हुए किराए में 50 रूपए की बढ़ोत्तरी करने का सुझाव दिया लेकिन तेल कंपनियों ने इसे अस्वीकार कर दिया.

कंपनियों का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों की माँग जायज़ नहीं है.

असर

हड़ताल के कारण रविवार को ही 40 फ़ीसदी बसों का परिचालन बंद हो गया था. सोमवार को ईंधन की कमी के कारण कई और सार्वजनिक वाहनों का परिचालन बंद हो गया.

साप्ताहिक छुट्टियों के बाद सोमवार को पहले कामकाजी दिन आम लोगों को दफ़्तरों तक पहुँचने में काफ़ी दिक्कत हुई.

जिन पेट्रोल पंपों पर तेल बचा हुआ है, वहाँ लंबी कतारें देखी जा रही हैं. कुछ पेट्रोल पंपों ने ईंधन की राशनिंग शुरू कर दी है. इसके तहत वाहन मालिक को पाँच लीटर से ज़्यादा ईंधन नहीं दिया जा रहा है.