सोमवार, 29 जनवरी, 2007 को 05:19 GMT तक के समाचार
भारत का कहना है कि वह अंतरिक्ष से संभावित हमले रोकने के लिए एक अंतरिक्ष सुरक्षा कमान स्थापित करेगा.
भारत के वायु सेनाध्यक्ष ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में इस योजना की जानकारी दी और कहा कि यह कमान भारतीय क्षेत्र की रक्षा के लिए स्थापित की जा रही है.
वायुसेनाध्यक्ष एसपी त्यागी ने कहा कि जल्दी ही एक अंतरिक्ष कमान स्थापित की जाएगी.
उल्लेखनीय है कि हाल में ऐसी ख़बरें आईं थीं कि चीन ने एक उपग्रहरोधी मिसाइल का सफल परीक्षण किया है.
वायुसेनाध्यक्ष ने कहा कि अंतरिक्ष कमान के लिए अंतरिक्ष एजेंसी इसरो की मदद ली जाएगी. लेकिन यह सैन्य कमान होगी.
भारतीय वायुसेनाध्यक्ष का कहना था कि वायु सेना की भूमिका में काफ़ी बदलाव आया है.
उनका कहना था कि वायु सेना को नई ज़रूरतों के अनुसार अपने में बदलाव लाने की आवश्यकता है. अब भी इसकी मुख्य भूमिका वायु सीमा और देश की सीमाओं की रक्षा करना है.
चीन का परीक्षण
ग़ौरतलब है कि चीन ने पहली बार स्वीकार किया था कि उसने एक उपग्रह को मार गिराने का सफल परीक्षण किया था.
चीन दुनिया का तीसरा देश है जो अंतरिक्ष तक मार करने की क्षमता रखता है, अमरीका और रूस अपनी इस क्षमता का सबूत पहले ही दे चुके हैं.
पिछले सप्ताह अमरीका से ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि चीन ने ज़मीन से मार करने वाली मिसाइल का प्रयोग करके मौसम का हाल बताने वाले एक उपग्रह को गिरा दिया था.
चीन के इस क़दम की दुनिया के कई देशों ने कडी़ आलोचना की थी. इसे चीन की आक्रामक नीति के रूप में देखा जा रहा है.
हालाँकि चीन ने जिस उपग्रह को गिराया है वह उसका अपना था और अपनी अवधि पूरी कर चुका था.
जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमरीका जैसे देशों ने चीन के इस क़दम की आलोचना करते हुए कहा था कि इससे हथियारों की होड़ अंतरिक्ष तक जा पहुँचेगी.